औरंगाबाद में सीएमआर आपूर्ति पर डीएम सख्त, बारुण-नवीनगर के बीसीओ से शो-कॉज, राइस मिल पर FIR के निर्देश

Aurangabad News: औरंगाबाद में सीएमआर आपूर्ति की कछुआ गति पर जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने गहरी नाराजगी जताई है. उन्होंने तीन दिनों के भीतर सुधार का अल्टीमेटम देते हुए सुस्त अधिकारियों और मिलों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. राइस मिलों को ब्लैकलिस्ट करने और FIR तक दर्ज कराने के आदेश जारी किए गए हैं.

Aurangabad News: औरंगाबाद समाहरणालय सभाकक्ष में गुरुवार को जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स की उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई. इस बैठक में मुख्य रूप से धान अधिप्राप्ति, सीएमआर आपूर्ति और मिलों को किए जाने वाले भुगतान की बिंदुवार गहन समीक्षा की गई. सीएमआर आपूर्ति की बेहद धीमी प्रगति पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए सभी सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों को तीन दिनों के भीतर व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार लाने का अल्टीमेटम दिया.

धान खरीद का लक्ष्य पूरा

बैठक में विभागीय अधिकारियों द्वारा बताया गया कि वर्ष 2025-26 में जिले में 1.80 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद का निर्धारित लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है. इसके साथ ही धान बेचने वाले सभी संबंधित किसानों को शत-प्रतिशत राशि का भुगतान भी किया जा चुका है. हालांकि, सीएमआर आपूर्ति की कछुआ गति के कारण जिला प्रशासन को राज्य स्तर पर असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है.

आपूर्ति में जिला काफी पीछे

समीक्षा में सामने आया कि जिले को मिले 1.23 लाख मीट्रिक टन सीएमआर आपूर्ति के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक महज 1.05 लाख मीट्रिक टन यानी करीब 85 प्रतिशत ही आपूर्ति हो सकी है. वर्तमान में इस धीमी रफ्तार के कारण औरंगाबाद जिला पूरे राज्य में रैंकिंग के मामले में 31वें पायदान पर खिसक गया है. डीएम ने विशेष रूप से ओबरा, रफीगंज और गोह प्रखंड की लचर प्रगति पर कड़ा रुख अख्तियार किया.

दो अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब

समीक्षा बैठक की संवेदनशीलता के बावजूद बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहने पर बारुण और नवीनगर के सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों (बीसीओ) के खिलाफ डीएम ने अनुशासनात्मक कार्रवाई का निर्देश दिया. उन्होंने दोनों अधिकारियों से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण (शो-कॉज) तलब करने को कहा है. संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर इन अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी.

राइस मिल होगी ब्लैकलिस्ट

लक्ष्य के अनुरूप चावल की आपूर्ति न करने वाली अदितिदेवा राइस मिल के खिलाफ डीएम ने तत्काल स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने और उसे सरकारी कार्यों से ब्लैकलिस्ट करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया. इसके अलावा जिले की अन्य मिलों जैसे रवि मिनी, आयुष, नारायण, देवंती और मां अंबे राइस मिल को भी कम सीएमआर आपूर्ति देने पर अंतिम चेतावनी जारी की गई है.

भुगतान प्रक्रिया तेज करने का आदेश

बैठक में सीएमआर भुगतान की वित्तीय समीक्षा भी की गई. अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न समितियों ने अब तक करीब 388 करोड़ रुपये का सीएमआर विभाग को उपलब्ध कराया है, जिसके एवज में अब तक 254 करोड़ रुपये का ही भुगतान हो पाया है और लगभग 133 करोड़ रुपये लंबित हैं. इस पर डीएम ने राज्य खाद्य निगम के जिला प्रबंधक को आदेश दिया कि वे तेजी से आपूर्ति करने वाली समितियों को भुगतान में प्राथमिकता दें.

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By Sudhir kumar singh

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