औरंगाबाद शहर में लगातार सामने आ रही चेन स्नैचिंग की वारदातों का पुलिस ने बड़ा खुलासा करने का दावा किया है. नगर थाना क्षेत्र में हुई कुल सात चेन स्नैचिंग की घटनाओं को एक ही संगठित गिरोह द्वारा अंजाम दिए जाने की बात सामने आई है. इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुख्यात कोढ़ा गिरोह के दो अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है.
पकड़े गए अपराधियों के पास से पुलिस ने एक देसी पिस्टल, दो जिंदा कारतूस, दो मास्टर चाबी, एक रिंच, चोरी की एक मोटरसाइकिल और एक मोबाइल फोन बरामद किया है.
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अपराधियों के खिलाफ बिहार के विभिन्न जिलों और पड़ोसी राज्य झारखंड में करीब 70 आपराधिक मामले दर्ज हैं. रविवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान एसपी उपेंद्रनाथ वर्मा ने इन गिरफ्तारियों और बरामदगी से जुड़ी विस्तृत जानकारी मीडिया के साथ साझा की.
सीसीटीवी और तकनीकी जांच से गिरोह तक पहुंची पुलिस
एसपी ने बताया कि कुछ दिनों से औरंगाबाद शहर में चेन स्नैचिंग की घटनाएं लगातार बढ़ रही थीं. नगर थाना क्षेत्र में ऐसी सात घटनाएं सामने आने के बाद मामले को बेहद गंभीरता से लिया गया और एसडीपीओ सदर-01 सुशील कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया. इस टीम को घटनाओं का सफल उद्भेदन करने, आरोपियों को धर दबोचने और छीने गए आभूषणों की बरामदगी की मुख्य जिम्मेदारी सौंपी गई थी.
घटनाओं के बाद पुलिस ने तमाम संदिग्ध स्थलों के सीसीटीवी फुटेज का गहन अवलोकन किया. तकनीकी विश्लेषण और आसूचना संकलन (इन्टेलिजेंस कलेक्शन) के आधार पर एसआईटी इस ठोस निष्कर्ष पर पहुंची कि शहर में हुई इन सभी वारदातों के पीछे एक ही गिरोह का हाथ है. इसके बाद पुलिस ने जाल बिछाकर गिरोह के सदस्यों की पहचान की और उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश तेज कर दी.
कटिहार के कोढ़ा थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं दोनों आरोपी
गिरफ्तार अपराधियों की पहचान कटिहार जिले के कोढ़ा थाना क्षेत्र के नयाटोला जुराबगंज निवासी नयनशु उर्फ अभय कुमार (पिता रोबिन यादव) और हैरन कुमार (पिता गोपाल यादव) के रूप में की गई है. पुलिस के मुताबिक, दोनों की गिरफ्तारी 20 सितंबर को तब हुई जब वे एक बार फिर किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के फिराक में औरंगाबाद पहुंचे थे.
औरंगाबाद में दर्ज सात कांडों में दोनों वांछित
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, ये दोनों अपराधी औरंगाबाद नगर थाना क्षेत्र में दर्ज चेन स्नैचिंग के सात मामलों में मुख्य रूप से वांछित थे. इनमें नगर थाना कांड संख्या 515/26, 525/26, 557/26, 480/26, 485/26, 494/26 और 414/26 शामिल हैं. एसपी ने यह भी बताया कि इससे पहले नगर थाना क्षेत्र में छीनी गई चार सोने की चेन भी पुलिस द्वारा बरामद की जा चुकी हैं.
कई जिलों और राज्यों में फैला है आपराधिक नेटवर्क
औरंगाबाद पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, गिरफ्तार अपराधियों का आपराधिक इतिहास बेहद लंबा है और इनका नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ है. रोहतास, मुंगेर, वैशाली, मुजफ्फरपुर, भोजपुर और किशनगंज सहित बिहार के कई जिलों में इनके खिलाफ गंभीर मामले दर्ज हैं.
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इसके अलावा झारखंड के गोड्डा, हजारीबाग, दुमका और अन्य जिलों में भी चेन स्नैचिंग तथा रुपये छीनने की वारदातों में इनकी संलिप्तता पाई गई है. रोहतास जिले के कई मामलों में ये वांछित चल रहे थे, जबकि मुंगेर और वैशाली के कुछ मामलों में ये पहले भी जेल जा चुके हैं.
एसआईटी और पुलिस टीम की संयुक्त कार्रवाई
इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में एसडीपीओ सदर-01, नगर थाना और जिला आसूचना इकाई (DIU) के अधिकारी व जवान शामिल रहे. पुलिस का मानना है कि इस कुख्यात गिरोह के पकड़े जाने से शहर में चेन स्नैचिंग की घटनाओं पर काफी हद तक लगाम लगेगी. इस प्रेस वार्ता के दौरान डीएसपी विनोद कुमार सिंह और नगर थानाध्यक्ष बबन बैठा सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे.
