लोक अदालत में यातायात चालान के निबटारे के लिए विशेष कैंप की व्यवस्था : प्रधान जिला जज

नौ मई को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, 14 बेंचों पर वादों का होगा निस्तारण

नौ मई को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, 14 बेंचों पर वादों का होगा निस्तारण प्रतिनिधि, औरंगाबाद शहर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष राजीव रंजन कुमार ने नौ मई को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों की जानकारी दी. उन्होंने सुलहनीय वादों में अब तक की गई कार्रवाई का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया. प्रधान जिला जज ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए न्यायालय में लंबित सभी सुलहनीय वादों से संबंधित नोटिस विभिन्न थानों के माध्यम से पक्षकारों को भेजे जा चुके हैं. साथ ही तामिला प्रतिवेदन में प्राप्त मोबाइल नंबरों के आधार पर संबंधित पक्षकारों को लोक अदालत के दिन उपस्थित रहने की सूचना भी दी गयी है. लोक अदालत के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए उन्होंने मीडिया के प्रति आभार जताया. सभी विभागों को अपने-अपने स्तर पर लंबित सुलहनीय वादों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गये हैं. इसके लिए संबंधित विभागों और पदाधिकारियों के साथ कई दौर की बैठक भी की गई है, जिसके सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है. उन्होंने बताया कि पारिवारिक मामलों के निस्तारण में यह जिला पहले भी बेहतर प्रदर्शन कर चुका है और पिछली राष्ट्रीय लोक अदालत में पूरे बिहार में अव्वल रहा था. इस बार भी बेहतर परिणाम के लिए कई वादों का चयन किया गया है. सरकार के निर्देश पर यातायात चालान निष्पादन योजना 2026 लागू की गई है, जिसमें शमन राशि में 50 प्रतिशत तक छूट का प्रावधान है. इससे बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है. इसके लिए न्यायालय परिसर में विशेष व्यवस्था की जा रही है. प्राधिकार की सचिव तान्या पटेल ने बताया कि प्रारंभिक स्तर पर 2904 सुलहनीय वाद चिह्नि किये गये हैं, जिनमें 45 मामलों में निस्तारण के लिए सहमति मिल चुकी है. 400 से अधिक मामलों के निस्तारण का लक्ष्य रखा गया है. इसके अलावा प्री-लिटिगेशन के तहत 5170 से अधिक बैंक ऋण मामलों में नोटिस जारी किए गए हैं, जिनमें 1500 से अधिक मामलों के निस्तारण का लक्ष्य निर्धारित है. नोटिस भेजने की प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है. सचिव ने बताया कि इस बार राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए कुल 14 बेंचों का गठन किया गया है, जिनमें व्यवहार न्यायालय औरंगाबाद के लिए 11 और अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय दाउदनगर के लिए तीन बेंच शामिल हैं. ऋण संबंधी मामलों के निस्तारण के लिए दाउदनगर अनुमंडलीय न्यायालय में विशेष व्यवस्था की गयी है. प्रधान जिला जज ने जिला वासियों से अपील की है कि वे राष्ट्रीय लोक अदालत का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपने मामलों के निस्तारण के लिए निर्धारित तिथि पर उपस्थित हों.

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By Sudhir kumar singh

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