Amarnath Yatra 2026 : बम-बम भोले’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के बीच दाउदनगर से श्रद्धालुओं का एक जत्था बाबा अमरनाथ के पवित्र दर्शन के लिए रवाना हुआ. श्रद्धा, गहरी आस्था और अपार उत्साह से सराबोर श्रद्धालुओं ने अपनी यात्रा शुरू करने से पहले शहर के मुख्य पथ पर स्थित हनुमान मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की. इसके बाद भगवान शिव का विशेष दर्शन-पूजन कर अपनी अमरनाथ यात्रा का विधिवत शुभारंभ किया.
चार वाहनों से सड़क मार्ग से निकले श्रद्धालु, जत्थे में कई गणमान्य शामिल
चार चारपहिया वाहनों से सड़क मार्ग द्वारा निकले इस जत्थे में क्षेत्र के कई प्रमुख लोग और जनप्रतिनिधि शामिल हैं. इनमें तरारी पैक्स अध्यक्ष ओमप्रकाश, पूर्व मुखिया प्रतिनिधि नागेंद्र सिंह उर्फ साधु जी, चाणक्य युवा संघ के दाउदनगर अध्यक्ष भास्कर तिवारी, भाजपा नेता एवं पूर्व वार्ड पार्षद राजेश तिवारी, एलआईसी (LIC) अभिकर्ता सत्येंद्र तिवारी, व्यवसायी देवकांत तिवारी उर्फ गुड्डू, मुन्ना तिवारी, ब्रजेश तिवारी, रामनिवास तिवारी, उपेंद्र तिवारी, सुमित पांडेय, अमित मिश्रा, अमित शर्मा, मनोज कुमार उर्फ मंत्री तथा राजकुमार गुप्ता सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हैं.
विश्व शांति और भाईचारे के लिए बाबा बर्फानी से करेंगे विशेष प्रार्थना
यात्रा पर रवाना होने से पहले श्रद्धालुओं ने बताया कि वे केवल अपने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में शांति, सद्भाव और भाईचारे की स्थापना के लिए बाबा बर्फानी से विशेष प्रार्थना करेंगे.
उन्होंने कहा कि बाबा अमरनाथ के चरणों में पहुंचकर सभी देशवासियों और परिजनों के उत्तम स्वास्थ्य, उन्नति और मंगलमय जीवन की कामना की जाएगी. साथ ही बाबा से यह भी प्रार्थना करेंगे कि उन्हें भविष्य में भी बार-बार अपने दरबार में बुलाने का आशीर्वाद मिलता रहे.
Aurangabad News : 15 दिनों की होगी धार्मिक यात्रा
श्रद्धालुओं ने बताया कि लगभग 15 दिनों की इस धार्मिक यात्रा के दौरान वे अमरनाथ के अलावा विभिन्न प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भी दर्शन-पूजन करेंगे.
मां ताराचंडी धाम में भी टेका माथा
इसी क्रम में उन्होंने सासाराम स्थित प्रसिद्ध माता ताराचंडी मंदिर में भी रुककर माथा टेका, पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया और इसके बाद आगे की यात्रा पर आगे बढ़ गए. श्रद्धालुओं को विदा करने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और परिजन मौजूद रहे. सभी ने यात्रियों के सुरक्षित एवं मंगलमय सफर की कामना करते हुए फूल-मालाओं के साथ उन्हें विदाई दी. श्रद्धा और विश्वास से भरा यह जत्था बाबा बर्फानी के दर्शन कर लौटने के बाद अपने आध्यात्मिक अनुभव भी साझा करेगा.
