सक्षम बचाव के माध्यम से दो साल बाद अभियुक्त रिहा

जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अंतर्गत कार्यरत मुफ्त विधिक प्रतिरक्षा अधिवक्ता प्रणाली का अब असर दिखने लगा

औरंगाबाद शहर. जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अंतर्गत कार्यरत मुफ्त विधिक प्रतिरक्षा अधिवक्ता प्रणाली का अब असर दिखने लगा है एवं आये दिन लोगों को न सिर्फ जमानत का लाभ मिल रहा है, बल्कि उन्हें सक्षम बचाव के माध्यम से काराधीन बंदियों को रिहा भी कराया जा रहा है. जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव तान्या पटेल ने बताया कि बुधवार को ऐसा ही एक मामला विशेष न्यायालय पॉक्सो अधिनियम में चल रहा था, जिसमें काराधीन अभियुक्त अनिल चौधरी अधिवक्ता के अभाव में उसका न्यायालय में बचाव नहीं हो रहा था. तब विशेष न्यायाधीश, पॉक्सो अधिनियम के पत्र के आलोक में उक्त अभियुक्त का सशक्त बचाव हेतु उप प्रमुख बचाव अधिवक्ता अभिनंदन कुमार को प्रतिनियुक्त करते हुए उसके वाद में बचाव करने का निर्देश दिया गया. यह वाद ओबरा थाना कांड संख्या-281/23 के तहत दर्ज हुआ था. काफी संगीन मामले में अभियुक्त को काराधीन किया गया था. न्यायालय में अभियुक्त का बचाव मुफ्त विधिक प्रतिरक्षा प्रणाली द्वारा किया गया है, जिसमें सूचक, पीड़िता एवं अनुसंधानक समेत कुल पांच गवाहों की गवाही एवं अन्य कार्रवाई उपरांत बुधवार को उक्त वाद में अनिल चौधरी को न्यायालय ने रिहा किया है. रिहा होने के बाद अभियुक्त काफी भावुक हो गया. कहा कि गरीबों के लिए यह संस्था बहुत ही अच्छा कार्य रही है. अगर यह संस्था नहीं होती तो पता नहीं हमें कितने दिन कारा में रहना पड़ता. इस कार्य में उप प्रमुख अधिवक्ता अभिनंदन कुमार की मदद सहायक अधिवक्ता चंदन कुमार मिश्रा ने किया. इस तरह अभियुक्त लगभग दो साल कारा में रहने के उपरांत रिहा हो गया.

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By Sudhir kumar singh

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