ओबरा. झारखंड के हरिहरगंज भाया औरंगाबाद होते हुए राजधानी पटना को जोड़ने वाली एनएच 139 की चौड़ीकरण की मांग तेज हो गयी है. पिछले कई दिनों से आंदोलन चल रहा है. 29 जून को समाजसेवी संगठन के कार्यकर्ताओं ने एनएच बंद का आह्वान किया है. इधर, सड़क दुर्घटना रोकथाम फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में गुरुवार की देर शाम ओबरा प्रखंड मुख्यालय में समाजसेवियों व युवाओं ने एनएच चौड़ीकरण की मांग उठाते हुए मशाल जुलूस निकाला. सैकड़ों की संख्या में लोगों ने हाथ में मशाल लिए केंद्र और राज्य सरकार के विरुद्ध नारेबाजी की. उनका नारा था कि एनएच-139 को फोरलेन करना होगा. मशाल जुलूस में शामिल लोग बेल मोड़ से काली मंदिर, सब्जी मंडी होते हुए देवी स्थान एवं पुनः बेल मोड़ पहुंचे व 29 जून को होने वाले बंदी पर अपनी बात रखी. लोगों ने कहा कि दो राज्यों को जोड़ने वाली दक्षिण बिहार की जीवन रेखा कही जाने वाली यह सड़क विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता का प्रतीक है. केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री पड़ोसी जिले गयाजी में आकर खुले मंच से एनएच-139 को फोरलेन के लिए 5500 करोड़ रुपये की स्वीकृती की घोषणा करते हैं और पुनः दिल्ली में जाकर मौन धारण कर लेते हैं. इस सड़क पर होने वाले दुर्घटना और मौत का जिम्मेदार संबंधित मंत्रिमंडल के सदस्य और विभागीय अधिकारी है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है. पड़ोसी जिले में एनएच-139 को फोरलेन की राशि स्वीकृति की घोषणा के बाद इसे वापस ले लिया गया और स्थानीय जनप्रतिनिधी मूकदर्शक बनकर देख रहे हैं. ट्रस्ट के सदस्यों ने कहा कि ईमेल अभियान, पुतला दहन कार्यक्रम, मशाल जुलूस जैसे कार्यक्रम होने के बाद भी केंद्र और राज्य सरकार के संबंधित अधिकारियों तथा मंत्रिमंडल के सदस्यों द्वारा कोई पहल नहीं कि जा रही है. कहा कि 29 जून को सड़क बंदी का कार्यक्रम रखा गया है. अंबा से लेकर नौबतपुर तक प्रभावित रहेगा. मौके पर पुष्कर अग्रवाल, सहजानंद कुमार डिक्कू, आनंद विश्वकर्मा, मुकेश कुमार, चंदन सिंह, सूर्य प्रकाश, रंजीत कुमार, किशु कुमार, सुनील पासवान, अभिषेक कुमार, भोलू, अमित, सुमित, बाबूनन्द आदि मौजूद थे.
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