जीवदया और गौरक्षा के प्रति समर्पित कार्यकर्ताओं को किया गया सम्मानित फोटो- 22- कार्यकर्ताओं को सम्मानित करते अतिथि प्रतिनिधि, औरंगाबाद शहर भागवत प्रसाद बीएड कॉलेज परिसर में जीवदया, अहिंसा और गौरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं के सम्मान के लिए समारोह का आयोजन किया गया. श्वेतांबर जैन समाज के प्रतिष्ठित संत हर्ष तिलक महाराज जी के औरंगाबाद आगमन पर समारोह का आयोजन हुआ. जिसमें बिहार व झारखंड से आये सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने संत का देव मोड़ पर स्वागत किया. इसके बाद जीव दया और गौरक्षा के लिए समर्पित कार्यकर्ताओं का एक सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें औरंगाबाद व आसपास के जिलों के चर्चित पशुप्रेमी, सामाजिक कार्यकर्ता और अधिवक्ता शामिल हुए. अतिथि के रूप में मुखिया संघ के सुजीत सिंह, पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता एवं विश्व हिंदू परिषद, गौरक्षा विभाग के अखिल भारतीय विधि प्रमुख शशांकधर शेखर, भारतीय सेवा दल के विभांशु मिश्र, औरंगाबाद सेवा शिविर के विकास और प्रकाश आदि उपस्थित रहे. इनके साथ-साथ युवा गौरक्षकों सहित कई कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया. युवा गौरक्षक विकास उर्फ बारूद सहित कई कार्यकर्ताओं को उनके निरंतर सेवा कार्यों के लिए सम्मानित किया गया. नंद प्रभा परिवार की ओर से सभी को प्रशस्ति पत्र एवं शॉल भेंट कर सम्मान प्रदान किया गया. अतिथियों ने इस कार्यक्रम की सराहना की. मौके पर नेहा कुमारी, रिटायर्ड सीओ महेंद्र प्रसाद, कुंदन पाठक, महंत साकेत बिहारी, संतोष आदि उपस्थित थे. अपने संबोधन में संत हर्ष तिलक महाराज जी ने संयुक्त परिवार प्रणाली की महत्ता पर विशेष बल देते हुए कहा कि आज समाज में टूटता परिवार गंभीर चिंता का विषय है. उन्होंने जीव दया, करुणा और पारिवारिक मूल्यों को सामाजिक स्थिरता का आधारशिला बताया. दीपक पाठक, अविनाश, उत्तम पाठक, सुशील दत्ता सहित वक्ताओं ने अपने अनुभव साझा किये. दीनदयाल उपाध्याय विचार मंच के जितेंद्र सिंह सहित अन्य मौजूद थे.
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