औरंगाबाद में ‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ थीम के साथ 9वें राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ, 8 अक्टूबर तक चलेंगी गतिविधियां

औरंगाबाद जिले में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ 'हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी' थीम के साथ हुआ. यह अभियान 8 अक्टूबर तक चलेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों को सशक्त बनाना है. कुपोषण के खिलाफ जन-आंदोलन बनाने पर जोर दिया गया है.

Aurangabad News: महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार एवं बिहार सरकार के निर्देशानुसार औरंगाबाद जिले में बुधवार को 9वें राष्ट्रीय पोषण माह का औपचारिक शुभारंभ किया गया. 9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक चलने वाले इस राज्यव्यापी अभियान का उद्घाटन समाहरणालय परिसर में जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर किया.

इस वर्ष पोषण माह की मुख्य थीम 'हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी' तय की गई है. इसका प्राथमिक उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों को पोषण, देखभाल और प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास के लिए एक सशक्त सामुदायिक सहभागिता केंद्र के रूप में स्थापित करना है. कार्यक्रम के दौरान पदाधिकारियों और कर्मियों ने राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित शुभारंभ कार्यक्रम का लाइव वेबकास्ट भी देखा.

पोषण माह के प्रमुख कार्यक्षेत्र और प्राथमिकताएं

महीने भर चलने वाले इस अभियान के तहत स्वास्थ्य, बाल विकास और पोषण से जुड़े कई अहम बिंदुओं पर विशेष रूप से कार्य किया जाएगा:

  • आहार विविधता एवं पोषण: बच्चों और माताओं के भोजन में पर्याप्त प्रोटीन, सूक्ष्म पोषक तत्व और ताजे गर्म पके भोजन (HCM) की उपलब्धता सुनिश्चित करना.
  • सामुदायिक स्वामित्व: आंगनबाड़ी केंद्रों के प्रबंधन में स्थानीय समुदाय, पंचायतों और अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी तय करना.
  • प्रारंभिक बाल विकास: 0 से 3 वर्ष के बच्चों के विकासात्मक माइलस्टोन (शारीरिक व मानसिक विकास) की पहचान, विकासात्मक विलंब की जांच और आवश्यक चिकित्सीय रेफरल.
  • मातृ वंदना संतृप्ति अभियान: प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के तहत शत-प्रतिशत पात्र गर्भवती महिलाओं को डीबीटी (नकद अंतरण) का लाभ दिलाने के लिए सघन अभियान.

पोषण मेले, तिथि भोज और 'स्वच्छ आंगनवाड़ी' अभियान

अभियान को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर विभिन्न रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी:

  • मेन्यू प्रदर्शन व तिथि भोज: स्थानीय एवं पारंपरिक पौष्टिक व्यंजनों के प्रदर्शन हेतु रेसिपी प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा. साथ ही एसएनपी मेन्यू बोर्ड का नियमित रोटेशन और 'तिथि भोज' जैसे सामुदायिक भोज आयोजित होंगे.
  • स्वच्छ आंगनवाड़ी के लिए श्रमदान: केंद्रों के रखरखाव, जल-जमाव से मुक्ति और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए जनभागीदारी आधारित श्रमदान कार्यक्रम चलाए जाएंगे.
  • नवाचारी पहल 'दर्पण लगाओ': बच्चों में आत्म-जागरूकता, स्वच्छता और स्वस्थ विकास को प्रोत्साहित करने के लिए केंद्रों में 'दर्पण लगाओ' गतिविधि को लागू किया जाएगा.
  • पोषण चैंपियन का चयन: समुदाय स्तर पर बेहतर पोषण आदतों को अपनाने वाले परिवारों और बच्चों को 'पोषण चैंपियन' के रूप में सम्मानित किया जाएगा.

पोषण को जन-आंदोलन बनाने की अपील

जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने स्वास्थ्य, आईसीडीएस, शिक्षा और पंचायती राज विभाग को आपसी समन्वय के साथ गतिविधियों को धरातल पर उतारने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि "कुपोषण के खिलाफ लड़ाई केवल सरकारी तंत्र के बल पर नहीं जीती जा सकती, इसे एक व्यापक जन-आंदोलन का रूप देना अनिवार्य है."

उद्घाटन समारोह में उप विकास आयुक्त (डीडीसी) कुमारी अनुपम सिंह, अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, जिला पंचायत राज पदाधिकारी इफ्तेखार अहमद, सदर एसडीओ गौरव सिंह, जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी श्वेता प्रियदर्शी, डीपीओ आईसीडीएस विनीता कुमारी और एडीएसएस महेश आनंद सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे.

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By सुधीर कुमार सिन्हा

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