औरंगाबाद नगर : बिहार में कानून व्यवस्था की कोई नाम नही है. यहां प्रतिदिन लोगों की खुलेआम हत्या, दुष्कर्म, चोरी, डकैती जैसी घटनाएं घट रही हैं. इस पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को कार्रवाई करनी चाहिये लेकिन वे अपने कुर्सी बचाने के चक्कर में लगे हैं. उन्हें बिहार की जनता से कोई मतलब नही रह गयी है.
एक तरफ सरकार द्वारा कडे कानून एवं लोगों की सुरक्षा की बात कहती है तो दूसरी तरफ दिन दहाडे लोगो की हत्या की जा रही है. उक्त बातें शनिवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने सीएम नीतीश कुमार की पुतला दहन के मौके पर कही. अभाविप के प्रदेश मंत्री दीपक कुमार ने कहा कि अब तक आम लोगों की हत्याएं अपराधियों द्वारा की जा रही थी, लेकिन अब लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में शामिल पत्रकारों की भी हत्याएं खुलेआम हो रही है.
जिसका उदहारण सिवान जिले के पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या अपराधियों ने गोली मारकर कर दी थी. फिर पटना के पत्रकार को हत्या की गयी और अब सासाराम के पत्रकार धर्मेन्द्र कुमार की हत्या अपराधियों ने गोली मारकर कर दी है. इससे बिहार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठती है. दीपक कुमार ने कहा कि बिहार की लगातार गिर रही कानून व्यवस्था व अपराधियों का बढ रहा मनोबल को लेकर अभाविप चूप नही बैठेगी. शनिवार को घटना के विरोध में अभाविप के नगर मंत्री अमित गुप्ता के नेतृत्व में सीएम का पुतला दहन किया गया. इस मौके पर विकास काली, शिवाजी, शिबू, अनुप, नीतेश, सौरभ, सोनू, लक्की, राहुल, टुन्नी, चंदन, शुभम ,सत्यम आदि शामिल थे.
पुतला दहन करते अभाविप के कार्यकर्ता.
