भावरा कुटीला, कुटीला यम केरा दुश्मन, चारू पहर, दिन राति...

कुटुंबा : प्रखंड क्षेत्र में भैयादूज का पर्व धूमधाम से मनाया गया. इस अवसर पर बहन ने अपनी भाई के लिए गोधन कुटीं. महिलाओं के समुह गोबर का यमदूत बना कर उसे लाठी से कुटा तथा भाइयों की सलामती के लिए रेंगनी के कांटें को जीभ में गड़ा कर अपने ईश्वर से भाई की लंबी […]

कुटुंबा : प्रखंड क्षेत्र में भैयादूज का पर्व धूमधाम से मनाया गया. इस अवसर पर बहन ने अपनी भाई के लिए गोधन कुटीं. महिलाओं के समुह गोबर का यमदूत बना कर उसे लाठी से कुटा तथा भाइयों की सलामती के लिए रेंगनी के कांटें को जीभ में गड़ा कर अपने ईश्वर से भाई की लंबी उम्र की कामना की. महिलाओं ने ‘आंवला कुटीला, भावरा कुटीला, कुटीला यम केरा दुश्मन, चारू पहर, दिन राति’ आदि गीतों के साथ त्योहार की रस्म पूरी की. हिंदूओं में यह मानना है कि गोधन कुटे जाने के बाद ही सभी मांगलिक कार्य शुरू किए जाते हैं. इस पर्व के प्रति लाेगों का काफी उत्साह रहता है. बहनों ने गोधन कुटने के बाद भाइयों को मिठाई खिलायी.

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