औरंगाबाद सदर : पवित्र व आस्था का महापर्व छठ चार नवंबर से नहाय खाय के साथ शुरू हो रहा है. इस कार्तिक महापर्व की तैयारी दीपावली खत्म होते ही शुरू हो गयी है. लोगों ने छठ पर्व पर अर्घ देने के लिए छठ घाटों पर साफ-सफाई शुरू कर दी है. नगर पर्षद भी शहर की साफ-सफाई के लिए पूरे जोर-शोर से लगा है. देखा जा रहा है कि शहर के विभिन्न छठ घाटों की सफाई युद्ध स्तर पर की जा रही है. इस कार्य में जहां एक तरफ नगर परिषद के सफाई कर्मी लगे हैं, वहीं शहर की विभिन्न पूजा समितियां भी छठ घाटों की साफ-सफाई में जुटी हैं.
तालाब व नदी पर स्थित छठ घाट का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है. बताते चलें कि चार नवंबर से नहाय-खाय के साथ छठ प्रारंभ हो जायेगा व पांच को खरना, छह को पहला अर्घ और सात की सुबह दूसरा अर्घ दिया जायेगा. इस पर्व की तैयारी में जहां पूजा समिति लगी हैं. वही व्यवसायी भी छठ की तैयारी शुरू कर दिये हैं. शहर में सूप और दउरा का खेप उतरने लगी है. वही, सब्जी मंडियों में फलों की खेप भी आनी शुरू हो गयी है. फलों के व्यवसायी छठ के पांच दिन पूर्व से ही फलों का स्टॉक करने लगे हैं. वहीं कहीं तोरण द्वार तो कहीं सूर्यकुंड स्थलों की रंग-रोगन भी किया जा रहा है.
व्रतियों की सेवा के लिए तैयारी अभी से
छठव्रतियों के स्वागत के लिए विभिन्न सूर्यकुंड स्थलों पर तरह तरह की तैयारियां पूजा समितियों द्वारा की जा रही हैं. छठ घाटों की सफाई से लेकर छठ व्रतियों की सुविधा के लिये कई तरह के जतन पूजा समिति कर रही हैं. इधर, शहर के सबसे प्राचीन अर्घ स्थल शाहपुर ठाकुरबाड़ी रोड स्थित सूर्य मंदिर छठ घाट पर एक विशाल तोरणद्वार का निर्माण कराया जा रहा है. इसके निर्माण में स्थानीय कारीगर उत्साह के साथ लगे हुए हैं. तोरणद्वार का निर्माण करा रहे सूर्य व शिव मंदिर विकास समिति के सदस्यों ने बताया कि छठ व्रतियों के स्वागत के लिए यह तोरणद्वार बनाया जा रहा है.
छठव्रतियों का स्वागत करेगी समिति
इधर, छठ पर्व को लेकर हमेशा से उत्साहित रही समाजसेवी संस्था सरस्वती अराध्य समिति छठ व्रतियों के स्वागत के लिए विशेष तैयारी में जुटी है. समिति के पदाधिकारी व गया ज्वेलर्स के संचालक पंकज वर्मा बताते हैं कि सूर्य मंदिर छठ घाट पर समिति द्वारा कई वर्षों से एक कैंप आयोजित किया जाता है, जो छठ व्रतियों की सुरक्षा के साथ-साथ उन्हें तमाम तरह के पूजा कार्य में सहयोग करता है. इसके अलावे छठ घाट पर विधि व्यवस्था को बनाये रखने में मदद भी करती है. साथ ही, विभिन्न तरह की पूजन सामग्रियों की व्यवस्था भी छठ घाट पर उपलब्ध कराने में समिति महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. इस बार भी हर तरह की व्यवस्था छठ घाट पर की गयी है.
करीब दस लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना
दीपावली का पूजा खत्म होते ही छठ करनेवाले व्रती इसकी तैयारी में लग जाते हैं. ऐसे में प्रसिद्ध अर्घ स्थल देव में अभी से लोग जुटना शुरू हो गये हैं. छठ करनेवाले लोग देव में किराये के मकान और आशियाने की तलाश पूर्व से करना शुरू कर देते हैं और उसकी अग्रिम बुकिंग करा कर दीपावली खत्म होते ही पहुंचने लगते हैं. उसके बाद देव नगरी में पांच दिनों तक रह कर छठ पर्व का अनुष्ठान विधि-विधान से करते हैं. देव नगरी में मंगलवार से छठ व्रतियों का पहुंचना शुरू हो गया है. देव छठ पूजा समिति के सदस्य सह वरिष्ठ समाजसेवी आलोक कुमार सिंह बताते हैं कि देव की साफ-सफाई दो सप्ताह पूर्व से जारी है. विभिन्न तरह के संगठन और लोग देव की साफ-सफाई की व्यवस्था में लगे रहते हैं. ऐसे में छठ आते-आते देव पूरी तरह स्वच्छ हो जाता है और इसकी साज सजावट भी संपन्न हो जाती है. देव नगरी अभी से ही छठ के लिये तैयार हो चुकी है. उन्होंने बताया कि अपेक्षा है कि कार्तिक माह में होने वाले इस महापर्व में इस बार दस लाख से भी ज्यादा लोग छठ में जुटेंगे. इससे पहले भी लाखों की भीड़ पर्व पर होते आयी है.
