औरंगाबाद नगर : मंगलवार को जिले में भैया दूज (गोधन पूजा) धूमधाम से मनायी गयी. बहनों ने अपने भाइयों की सलामती व लंबी उम्र के लिये उपवास रख पूजा अर्चना की. इस पूजा को लेकर बहना सुबह से ही तैयारी में जुट गयीं थी. अपने घरो की साफसफाई करते हुये परंपरा अनुसार गोधन पूजा की.
अपने भाई की सलामती व दीर्घायु होने की कामना लिए बहनों ने पारंपरिक तरीके से गोवर्द्धन पूजा की. पूजा-अर्चना करते हुए मांगलिक गीत भी गाये और अपने भाई के हर दर्द को बांटने के लिए अपनी जीभ से रेंगनी के कांट को चुभायी. अन्नकूट गोवर्द्धन पूजा को लेकर माहौल एक तरह से भक्तिमय रहा. सुबह से ही शहर के विभिन्न मुहल्लों में महिलाओं को गोधन कूटते देखा गया, जो दोपहर तक जारी रहा. बताया जाता है कि गोधन पूजा (भैया दूज) का बड़ा महत्व है. राखी के त्योहार के बाद इस पूजा का भी बहनों का इंतजार होता है.
हालांकि, यह पर्व भैया दूज के नाम से प्रसिद्ध है. लेकिन, गोधन का नाम इसे वर्षों पूर्व दिया गया था. पूजन के पूर्व महिलाएं या युवतियां गोबर से गोधन स्थल को लीपती हैं. उसके बाद यम और यमनी की गोबर से ही प्रतिमा बनाती हैं. फिर एक ओखली में रख कर चना और गोबर को कुटती हैं. इसी गोबर से निकले हुए चना को भाइयों को प्रसाद के रूप में खिलाती हैं और ईश्वर से उनकी सलामती के लिए दुआ करती हैं.
