स्वीकृति के बाद भी नहीं शुरू हो सके 87 एपीएचसी व स्वास्थ्य उप केंद्र

डीएम व डीडीसी की उपस्थिति में स्वास्थ्य विभाग की हुई मासिक समीक्षा बैठक, डीएम ने दिये निर्देश

डीएम व डीडीसी की उपस्थिति में स्वास्थ्य विभाग की हुई मासिक समीक्षा बैठक, डीएम ने दिये निर्देश औरंगाबाद शहर. डीएम श्रीकांत शास्त्री की अध्यक्षता व डीडीसी अनन्या सिंह की उपस्थिति में सोमवार को कलेक्ट्रेट के सभा कक्ष में स्वास्थ्य विभाग से संबंधित मासिक समीक्षा बैठक हुई. इसमें डीएम ने अस्पतालों व स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की व विभिन्न निर्देश दिये. प्रारंभ में विश्व स्वास्थ्य संगठन के सर्वेलेंस मेडिकल ऑफिसर डॉ नकीब द्वारा 14 दिसंबर से होने वाली अनुराष्ट्रीय पल्स पोलियो कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी गयी. जानकारी के अनुसार 14-18 दिसंबर तक घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की दवा पिलायी जायेगी. इस दौरान छूटे हुए बच्चों को दवा पिलाने का कार्य 20 दिसंबर को किया जायेगा. इस अनुराष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान लगभग चार लाख बच्चों को पोलियो की दवा पिलायी जायेगी. जिला कार्यक्रम प्रबंधक मो अनवर आलम द्वारा स्वीकृत 392 अतिरिक्त प्राथमिक केंद्रों, स्वास्थ्य उप केंद्रों के विरुद्ध कार्यरत संस्थानों की अद्यतन जानकारी दी गयी तथा बताया गया कि निर्देशानुसार 58 नये संस्थानों को न्यूनतम आवश्यकताओं की आपूर्ति कराते हुए कम से कम दो कार्यदिवस में कार्यरत कराने का कार्य किया जा रहा है. फलस्वरुप अब ग्रामीण क्षेत्रों में कुल संस्थानों की संख्या 305 हो जायेगी. इस क्रम में निर्देश दिया गया कि शेष स्वीकृत संस्थानों को सरकारी भवनों जैसे- सामुदायिक भवन, पंचायत सरकार भवन आदि में स्थान दिलाने का कार्य किया जाये तथा जनहित में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जाये. इस कार्य के साथ-साथ स्वास्थ्य संस्थानों को राष्ट्रीय गुणवत्ता मानक के अनुरूप संस्थानों को विकसित करने तथा प्रमाणीकरण के कार्य की निगरानी अब उप विकास आयुक्त द्वारा की जायेगी. संस्थागत प्रसव एवं सुरक्षित प्रसव के लिए गर्भावस्था के अंतिम त्रैमास में मोबाइल पर कॉल कर फॉलो अप कराने के साथ-साथ सिविल सर्जन को सुझाव दिया गया कि सदर अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन तथा अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसव की संख्या बढ़ासह जाये. हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर पर सेवाओं का विस्तार किया जाये. अवैध प्राइवेट अस्पतालों, प्रैक्टिसनरों एवं अल्ट्रासाउंड क्लिनिकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाये. इस क्रम में मातृ-शिशु, परिवार कल्याण, नियमित टीकाकरण, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम, गैर संचारी रोग, संस्थागत प्रसव, अस्पतालों में दवा एवं डायग्नोस्टिक सेवाओं की उपलब्धता, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के संचालन की विस्तृत समीक्षा की गयी. बैठक में सिविल सर्जन डॉ लालसा सिन्हा के साथ-साथ जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ मिथिलेश प्रसाद सिंह, जिला संचारी एवं गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ रवि रंजन, विश्व स्वास्थ्य संगठन के एसएमओ मो नकीब, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ अरविंद सिंह, उपाधीक्षक दाऊदनगर, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, जिला लेखा प्रबंधक मो अफरोज हैदर, जिला योजना समन्वयक नागेंद्र कुमार केसरी, डीसीएम आनंद प्रकाश, अनुश्रवण पदाधिकारी अविनाश कुमार, जिला महामारी सलाहकार उपेंद्र कुमार चौबे, आरबीएसके के जिला सलाहकार नीलम रानी, सभी अस्पताल एवं स्वास्थ्य प्रबंधक सभी प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक, डेवलपमेंट पार्टनर यूनिसेफ के एसएमसी मो नैयर सहित अन्य जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे.

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