औरंगाबाद (ग्रामीण) : अगर आप सो रहे हों, तभी सफेद लिबास में कोई व्यक्ति पैर छूकर आपकाे जगाना चाह रहा हो या आशीर्वाद लेना चाह रहा हो, तो डरने की बात नहीं. हो सकता है कोई प्रत्याशी आपके सामने खड़ा हो, जो पंचायत चुनाव में अपनी जीत सुनिश्चित कराने के लिए आपका आशीर्वाद पाना चाहता हो. क्योंकि अभी चुनावी समर है.
पंचायत चुनाव का बिगुल बजने के साथ ही नामांकन का दौर भी जारी है. हसपुरा, गोह, ओबरा व दाउदनगर में नामांकन की प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है. अब बाकी प्रखंडों में नामांकन का दौर जारी है. मतदाताओं से प्रत्याशियों ने संपर्क स्थापित करना भी शुरू कर दिया है. सुबह से देर रात तक प्रत्याशी मतदाताओं से मिलने जुलने का कार्य कर रहे हैं. घर-घर जाकर मतदाताओं को टटोला जा रहा है. अगर पुरुष प्रत्याशी हैं, तो उनकी पत्नी व अन्य परिजन चुनाव की कमान संभाल रहे हैं और अगर महिला प्रत्याशी हैं, तो उनका पति, परिजन व उनके रिश्तेदार चुनाव प्रचार में जुटे हैं.
कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दावं पर: पंचायत चुनाव में कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दावं पर लगी है. कई जनप्रतिनिधियों ने या तो चुनाव से नाता ही तोड़ लिया है या फिर दूसरे पंचायत क्षेत्र से चुनावी वैतरणी पार करने में कूद पड़े हैं. पंचायत समिति सदस्य पद को छोड़ कर कई जनप्रतिनिधि मुखिया पद के लिए भाग्य आजमा रहे हैं, तो मुखिया पद छोड़ कर जिला पर्षद पद से चुनाव मैदान में कूद पड़े हैं. कई पुरुष मुखिया ने इस बार अपनी पत्नियों पर दावं खेला है, तो कई महिला मुखियाें के पति सामने आ रहे हैं.
औरंगाबाद प्रखंड में कई पंचायतों में इस बार चुनाव दिलचस्प होगा. नौगढ़ पंचायत में तीन मुखिया की प्रतिष्ठा दावं पर है. निवर्तमान मुखिया व जदयू जिलाध्यक्ष गुड्डू सिंह की जगह पर उनकी पत्नी किरण देवी चुनावी मैदान में हैं, तो पूर्व मुखिया अंजनी सिंह की पत्नी लली देवी व पूर्व मुखिया राकेश सिंह की पत्नी कंचन देवी भी जीत के दावे कर चुनाव में उतरी हैं.
जिला पर्षद क्षेत्र संख्या-18 का चुनाव भी रोचक दौर से गुजरेगा. इस क्षेत्र से कई नामी दिग्गज चुनाव मैदान में है.ओरा पंचायत के निवर्तमान मुखिया अनिल कुमार यादव व लोजपा जिलाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह भी जिला पर्षद चुनाव में इस बार उतरे हैं. वर्तमान जिला पार्षद मंजरी देवी और पूर्व जिप अध्यक्ष राघवेंद्र प्रताप सिंह की पत्नी ललिता देवी व समाजसेवी सुनील यादव भी इसी क्षेत्र से भाग्य आजमायेंगे. वैसे इन प्रत्याशियों को जातीय समीकरण पर ज्यादा भरोसा है. राजपूत व यादव जाति के वोट पर इनकी नजर रहेगी. कुछ नेता राजनीतिक पार्टी से संबंध रखते हैं. इस वजह से पार्टी वोट पर भी इनकी नजर है.
कई मुखिया उतरे जिला पार्षद चुनाव में : पंचायत चुनाव का मुकाबला दिलचस्प होने के आसार है. कई मुखिया इस बार जिला पर्षद का चुनाव लड़ रहे हैं. पूर्व मुखिया भी पीछे नहीं हैं.
दाउदनगर क्षेत्र संख्या-एक से अरई के पूर्व मुखिया राजकुमार शर्मा, मुखिया नन्हकू पांडेय, पूर्व प्रमुख अखिलेश प्रसाद सिंह, क्षेत्र संख्या-दो से मनार पंचायत की पूर्व मुखिया मालती देवी, मुखिया सावित्री देवी, पूर्व मुखिया विजय सिंह यादव की पत्नी शीला देवी, ओबरा क्षेत्र संख्या-16 से मुखिया रामनरेश सिंह, महामाया ठाकुर, मोहम्मद जान व राजद नेत्री सरोज देवी और क्षेत्र संख्या-15 से कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष महेंद्र यादव की पत्नी राजमनी देवी चुनावी मैदान में उतरे हैं. क्षेत्र संख्या-14 से वर्तमान जिला पार्षद सुधा देवी व क्षेत्र संख्या-15 से नीलू देवी पुन: भाग्य आजमा रही हैं.
पत्नी के भरोसे कई मुखिया पति: महिला सीट होने की वजह से कई पुरुष मुखिया इस बार अपनी पत्नी के भरोसे चुनावी मैदान में है. दाउदनगर के गोरडीहा मुखिया भगवान सिंह की पत्नी सविता देवी, अंछा मुखिया जुदागीर राम की पत्नी कलावती देवी व करमा मुखिया जगदीश नारायण की पत्नी गंगा देवी चुनावी मैदान में हैं.
इनकी प्रतिष्ठा दावं पर लगी है. तरार पंचायत की मुखिया अंजु देवी इस बार चुनाव नहीं लड़ रही है. उनकी जगह पर उनके पति दयाशंकर प्रसाद चुनाव मैदान में है. महावर पंचायत में मुखिया हरि प्रसाद सिंह पुन: भाग्य आजमा रहे हैं. सिंदुआर के मुखिया उपेंद्र राम इस बार मनार से लड़ रहे हैं.
वोट बहिष्कार की भी आशंका : विधानसभा चुनाव की तर्ज पर पंचायत चुनाव में भी कुछ गांवों में वोट बहिष्कार का दौर चल सकता है. हालांकि, अभी इसकी संभावना नहीं है. फिर भी चुपके-चुपके कुछ बातें सामने आ रही हैं.
विधानसभा चुनाव के दौरान औरंगाबाद में नेपवा, मिश्रिरबिगहा व लालबिगहा, कुटुंबा में चंद्रपुरा व सडिहा, चांदखाप, नोनियाबिगहा व सिमरा, हसपुरा में झौरीबिगहा सहित लगभग दो दर्जन गांवों में वोट बहिष्कार हुआ था. इस बार भी इनमें से कुछ गांवों में वोट बहिष्कार हो सकता है. हालांकि, पंचायत चुनाव है. प्रत्याशी भी घर के होंगे, इस वजह से संभावना कम ही दिखती है. विक्षुब्ध मतदाताओं को मनाने का दौर जारी है.
