मनमानी : शहर में ऑटो के बेतरतीब परिचालन से लग रहा जाम, लोग परेशान
शहर की सड़कों पर ऑटो चालकों ने इस तरह कब्जा जमा लिया है, जैसे कि सरकार ने सड़क बना कर इनके नाम एग्रीमेंट कर दिया हो. बीच सड़क पर ही वाहन खड़ा कर पैसेंजर बैठाना व उतारना ऑटोचालकों का फैशन बन गया है.
औरंगाबाद कार्यालय : शहर की पुरानी जीटी रोड एक संकीर्ण मार्ग है, लेकिन इस पर इतना अधिक ट्रैफिक रहता है कि लोगों को इस सड़क से गुजरने में भय लग रहता है. सुबह से रात तक सड़क पर जाम की समस्या बनी रहती है. इसका प्रमुख कारण है शहर में चलनेवाले ऑटो हैं. यातायात नियमों के विपरीत ऑटो का परिचालन किया जा रहा है.
लगता है ऑटोचालकों में परिवहन विभाग या पुलिस-प्रशासन का डर नहीं रह गया है. उनकी मनमानी देखकर ऐसा लगता है कि जब जैसे-तैसे ऑटो चला कर कमाई हो रही है, तो फिर किसी नियम-कानून का अनुकरण करने की क्या जरूरत है. आज शहर की स्थिति यह हो गयी है कि लोग जाम से परेशान हैं और रास्ता बदल कर बाइपास से आ-जा रहे हैं, लेकिन ऑटोवाले आराम से बीच सड़क पर वाहन खड़ा कर पैसेंजर बैठा व उतार रहे हैं.
ऐसा नहीं कि प्रशासन इस समस्या से अनजान नहीं है. कई बार ऑटो चालक संघ व प्रशासन के बीच इस समस्या को लेकर बैठक हुई. सड़क पर खड़ा करनेवाले ऑटोचालकों पर कार्रवाई करने की भी सहमति बनी, लेकिन आज ढाक के तीन पात वाली कहावत चरितार्थ होकर रही है.
अब तो यह भी देखा जा रहा है कि करीब 20 दिन पूर्व प्रशासन व ऑटो संघ के बीच हुई बैठक का सही असर पड़ने के बजाय बुरा प्रभाव पड़ रहा है. पहले ऑटो के दाहिने साइड में लोहे का रड लगा था. यात्री बायीं तरफ से ऑटो से उतरते व चढ़ते थे, लेकिन अब ऑटो के दाहिने तरफ लगे लोहे के रड को हटा दिया गया. पहले चालक की तरफ भी लोहे का रड लगा रहता था, जिसे हटा दिया गया है. पहले ऑटो के आगे रूट नंबर, मालिक का नाम व नंबर लिखा होता था, जो अब नहीं दिखाई दे रहा है.
ट्रैफिक नियम का पालन नहीं करने पर होगी कार्रवाई : एमवीआइ
औरंगाबाद शहर में बीच सड़क पर ऑटोचालकों द्वारा यात्री बैठाने व उतारने से यातायात पर हो रहे असर के संबंध में मोटरयान निरीक्षक (एमवीआइ) रंजीत कुमार का कहना है कि यातायात नियमों का पालन नहीं करनेवालों पर कार्रवाई की जायेगी.
पहले भी समय-समय पर वाहन चेकिंग अभियान चला कर सैकड़ों ऑटो को जब्त किये गये हैं. आगे भी जांच अभियान चलाया जायेगा. बीच सड़क पर ऑटो खड़ा कर पैसेंजर उतारने व चढ़ाने को रोकना स्थानीय प्रशासन का काम है. यानी प्रशासन का हवाला देकर एमवीआइ अपनी जिम्मेवारी से बचते नजर आये.
