औरंगाबाद (नगर) : राज्य सरकार आज गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नष्ट करने की फिराक में लगी है. जितने जोश-खराेश से योजना चालयी गयी और छात्र-छात्राओं को लाभ दिया गया वह आज खत्म होने के कगार पर है. गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ-साथ छात्र-छात्राअों को समाज के मुख्य धारा में लाने का प्रयास शिक्षक करते हैं , पर आज शिक्षकों को वेतन नहीं मिलने के कारण शिक्षा बदहाली की स्थिति पर पहुंच गयी है. उक्त बातें शनिवार को बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के सदस्यों ने कही. मीडिया प्रभारी अशोक कुमार पांडेय ने कहा कि राज्य सरकार के उपेक्षित रवैये के कारण आज शिक्षा का मिशन कमजोर पड़ते जा रहा है.
वेतन भुगतान नहीं होने से शिक्षक स्कूल में पढ़ाने के बजाय आज सड़क पर आ गये हैं. सूबे के चार लाख शिक्षकों का भविष्य शिक्षण कार्य पर टिकी है पर कई माह से वेतन भुगतान नहीं होने से काफी निराश है. शिक्षकों को जल्द वेतन भुगतान किया गया तो आंदोलन किया जायेगा़
