औरंगाबाद(ग्रामीण) : औरंगाबाद शहर के कर्मा रोड में सर्वोदय नगर मोड़ के समीप कचरों के ढेर में एक नवजात शिशु को मृत अवस्था में पाया गया. जैसे ही शिशु को फेंके जाने की खबर आस-पास के इलाकों में फैली वैसे ही लोग वहां पहुंचना प्रारंभ कर दिये. देखते-देखते भारी भीड़ जमा हो गयी.
किसी ने माता को कुमाता बताया तो किसी ने निजी क्लिनिक चलानेवालों की करतूत बतायी. महिलाएं भी वहां पर खड़ी थी उनके मूख से भी एक ही बात आ रही थी कि जिस किसी ने भी नवजात शिशु को यहां फेंका वह मानव नहीं हो सकता है. यानी कि यहां पर मानवता शर्मसार हुई है. आस-पास के लोगों का कहना था कि नवजात शिशु को कपड़े में लपेट कर किसी ने शनिवार की सुबह में फेंका है.
बताते चलें कि 23 फरवरी को प्रभात खबर में ‘लिंगानुपात में कमी, खतरे की घंटी शीर्षक’ से खबर प्रकाशित की गयी थी, जिसमें भ्रूण हत्या, अल्ट्रासाउंड संचालक के साथ-साथ निजी क्लिनिक के संचालकों को भ्रूण हत्या और गर्भपात के लिये कटघरे में खड़ा किया था. ताज्जुब की बात तो यह है कि आखिर कब तक इस तरह से मानवता शर्मसार होती रहेगी
