– विश्वनाथ पांडेय –
कृषि विभाग की अनदेखी से नहीं हो सकी रबी की बुआई
कुटुंबा औरंगाबाद : प्रखंड का एकमात्र कझपा कृषि फार्म वीरान पड़ा है. 55 एकड़ में पसरे कृषि फार्म में न तो धान की खेती हो सकी और न ही रबी की फसल ही लगी है. खरीफ के मौसम में बारिश की कमी और नहर में समय से पानी नहीं देने के कारण बिचड़े झुलस गये.
इससे धान की खेती तो नहीं हो सकी. इतना ही नहीं रबी की बुआई का अब तक न होना भी अधिकारियों की लापरवाही का परिणाम है. फार्म का अधिकतर भाग आज भी बंजर पड़ा है. इसके आसपास की जमीन पर किसानों ने बुआई की है और उनका फसल भी अच्छा है. इस संबंध में अधिकारी कहते हैं कि जिस खेत में नमी थी, उसमें बुआई करा दी गयी है और जिस खेत में बुआई नहीं हुई है, वह खेत उखड़ गया है.
सबसे बड़ी बात तो यह है कि धान की खेती नहीं हुई थी, तब खेत कैसे उखड़ गया, जबकि फार्म के पास अपना ट्रैक्टर उपलब्ध है. ग्रामीण बताते हैं कि फार्म के ट्रैक्टर से भाड़े पर दूसरे की खेती की जुताई की जाती है, पर समय रहते फार्म की जुताई नहीं हो रही है. खेती के लिए कृषि से जुड़े संसाधन भी राजकीय स्तर पर उपलब्ध कराये गये हैं और खेती का खर्च भी विभाग वहन करता है.
