Video: जिले में 18 एंबुलेंस फिर भी ठेला से ढोया गया मरीज, अस्पताल से एक किमी दूर हुआ था एक्सीडेंट

Aurangabad News: औरंगाबाद जिले में एम्बुलेंस कर्मचारी की लापरवाही के कारण एक घायल की जान पर बात बन आई थी. घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि अनगिनत कॉल करने के बावजूद भी एम्बुलेंस नहीं आया.

Aurangabad News: औरंगाबाद में शनिवार को सदर अस्पताल में एक मरीज को एंबुलेंस से नहीं बल्कि ठेला से लाया गया. सड़क दुर्घटना में घायल एक मरीज को इलाज के लिए ठेलेवाले ने इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया. औरंगाबाद में असहाय मरीजों को पहुंचाने के लिए 102 की लगभग डेढ़ दर्जन एंबुलेंस उपलब्ध है, जिन्हें गर्भवती महिला, बुजुर्ग मरीज एवं सड़क दुर्घटना में घायल हुए लोगों को पूरे जिले के सदर अस्पताल लाने एवं बड़े चिकितस्यालयों में निःशुल्क पहुंचाने की जिम्मेवारी सौंपी गई है. इसके अलावे बिहार सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा 112 की 34 टीम को शामिल किया गया है, ताकि जिले में किसी प्रकार की घटना-दुर्घटना होने पर तत्काल संबंधित सरकारी चिकित्सालय में पहुंचाते हुए बेहतर इलाज कराने की समुचित व्यवस्था सौंपी गई है.

कैसे हुआ एक्सीडेंट

शनिवार की दोपहर देव प्रखंड के बहलोला गांव निवासी लाल चौहान अपने परिवार की भरण-पोषण करने हेतु जिला मुख्यालय आया हुआ था. काम नहीं मिलने के एवज में वह वापस अपने घर लौट रहा था. बस पकड़ने के लिए वह पैदल फार्म पर जा रहा था. इसी दौरान शहर के अदरी नदी पुल के समीप एक अनियंत्रित अज्ञात वाहन की चपेट में आने से घायल हो गया. इसके बाद वह घायल अवस्था में ही घटनास्थल पर काफी देर तक पड़ा रहा. इसके बाद घटनास्थल पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गयी. आसपास के लोगों ने अपने स्तर से सरकारी एंबुलेंस बुलाने के लिए कई प्रयास किया, लेकिन सरकारी एंबुलेंस नहीं मिला. इसके बाद स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में एक ठेला पर लादकर उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल भिजवाया, जहां के डॉक्टरों ने उसका उपचार किया.

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जा सकती थी जान

ठेले पर घायल को अस्पताल पहुंचाने से साफ हो जाता है कि आम लोगों के प्रति स्वास्थ्य विभाग के एंबुलेंस कर्मी कितनी तत्परता से काम कर रहे हैं और विभाग इस पर कितना ध्यान दे रही है. बड़ी बात है कि जिस जगह पर लाल चौहान दुर्घटना में घायल हुए ठीक उसी जगह से कुछ दूरी आगे शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है और करीब एक किलोमीटर दूर सदर अस्पताल है और कुछ दूरी पर नगर थाना भी है. ऐसी स्थिति में घायल की मदद के लिए नजदीक होने के कारण न तो डॉक्टर पहुंचा और नहीं पुलिस की टीम. घायल को अस्पताल पहुंचाने वाला ठेला चालक ने बताया कि अदरी नदी पूल के समीप यह घायल अवस्था मे मूर्छित पड़ा हुआ था. कुछ लोगों ने ठेला पर लादकर सदर अस्पताल भिजवाया. अगर समय पर ठेलेवाला इलाज के लिए अस्पताल नही भिजवाता तो उसको जान भी जा सकती थी.

(औरंगाबाद से मनीष राज सिंघम की रिपोर्ट)

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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