औरंगाबाद कार्यालय : रिसियप थाना क्षेत्र में दूल्हा-दुल्हन की कार व ट्रक की टक्कर में दुल्हन की मौत ने अचानक शहर में सनसनी फैला दी. सत्येंद्र नगर मुहल्ला से लेकर नवीनगर का लखनपुर और ओबरा का चेचाढ़ी गांव अचानक मातम के माहौल में डूब गया. सदर अस्पताल में भी घंटों मातमी सन्नाटा पसरा रहा. कहीं दूल्हे का परिवार बिलख रहा था तो कहीं दुल्हन का. औरंगाबाद के सत्येंद्र नगर मुहल्ला स्थित इंद्रदेव सिंह के घर भी सन्नाटा पसरा रहा. चंद मिनट पहले जिस घर में नेहा का इंतजार हो रहा था, लोग स्वागत की तैयारी बेसब्री से कर रहे थे उस घर में जैसे ही दुल्हन नेहा की मरने की खबर पहुंची, वैसे ही सब कुछ खत्म हो गया.
स्वागत की तैयारी छोड़ पसर गया सन्नाटा
औरंगाबाद कार्यालय : रिसियप थाना क्षेत्र में दूल्हा-दुल्हन की कार व ट्रक की टक्कर में दुल्हन की मौत ने अचानक शहर में सनसनी फैला दी. सत्येंद्र नगर मुहल्ला से लेकर नवीनगर का लखनपुर और ओबरा का चेचाढ़ी गांव अचानक मातम के माहौल में डूब गया. सदर अस्पताल में भी घंटों मातमी सन्नाटा पसरा रहा. कहीं […]

इकलौती बेटी की मौत की खबर सुन बेहोश हो गये मां-बाप : दुर्घटना की खबर सुन उज्जवल और नेहा का परिवार बदहवास हालत में सदर अस्पताल में पहुंचा. नेहा के पिता आल्हा सिंह और उनकी पत्नी को कुछ लोगों ने यह कह कर काफी देर तक शांत रखा कि उनकी बेटी ठीक है और डॉक्टरों के देखरेख में इलाज चल रहा है. कुछ ही क्षण में जब स्ट्रेचर पर दुल्हन की भेष में रही नेहा पर उनकी नजर पड़ी और शरीर से चादर हटाया तो देखते ही मां-बाप गस्त खाकर बेहोश हो गये. मां के मुख से बस एकही आवाज आ रही थी कि बड़े आरमान के साथ उसकी शादी की थी, पर ईश्वर ने उसके साथ धोखा किया.
चालक भी हुआ घायल : दुर्घटना में कार चालक भी घायल हुआ है. चालक की पहचान कुटुंबा प्रखंड के माड़र गांव निवासी अभिमन्यु कुमार के रूप में हुई. सदर अस्पताल में इलाज चल रहा है. डॉक्टरों ने बताया कि वह खतरे से बाहर है. नगर थाना की पुलिस ने मृतक के परिजन का फर्द बयान दर्ज किया. थानाध्यक्ष एके साहा ने बताया कि पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है.
अपशगुन की होती रही चर्चा
सदर अस्पताल में रहे कुछ लोगों ने मौत को अपशगुन से जोड़ दिया. पता चला कि चेचाढ़ी गांव में सोमवार की सुबह रामाश्रय सिंह नामक किसान का शव बरामद किया गया था. रविवार की रात अपराधियों ने उनकी हत्या कर दी थी. मंगलवार को चेचाढ़ी के इंद्रदेव सिंह के बेटे की बरात लखनपुर जाने वाली थी. इस वजह से शव का दाह संस्कार नहीं किया गया. रामाश्रय व इंद्रदेव सिंह आपस में गोतिया (पड़ोसी) बताये जाते है और इनका आपसी रिश्ता भी है. यह भी पता चला कि मंगलवार की सुबह रामाश्रय सिंह का दाह संस्कार किया गया.