अरवल जिला पदाधिकारी के निर्देशानुसार जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आईसीडीएस-सह-नोडल पदाधिकारी, महिला एवं बाल विकास निगम के मार्गदर्शन में शनिवार को डॉ. भीमराव आंबेडकर आवासीय विद्यालय में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत 'सखी वार्ता' कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक बनाना था.
बाल विवाह से लेकर करियर तक दी गई महत्वपूर्ण जानकारी
कार्यक्रम के दौरान वन स्टॉप सेंटर और जिला हब फॉर एम्पॉवरमेंट ऑफ वूमेन की टीम ने छात्राओं से संवाद किया. इस दौरान बाल विवाह, घरेलू हिंसा, महिला हेल्पलाइन 181, वन स्टॉप सेंटर की सेवाएं, करियर काउंसिलिंग, कार्यस्थल पर महिलाओं के उत्पीड़न, किशोरी स्वास्थ्य, कम उम्र में विवाह के दुष्प्रभाव और करियर के बेहतर अवसरों की विस्तार से जानकारी दी गई.
टी-शर्ट और टोपी का किया गया वितरण
कार्यक्रम में शामिल सभी छात्राओं के बीच बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के लोगो वाली टी-शर्ट और टोपी वितरित की गई. इस पहल का उद्देश्य छात्राओं में योजना के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना था.
भाषण प्रतियोगिता में उत्कृष्ट छात्राओं को मिला सम्मान
कार्यक्रम को रोचक बनाने के लिए महिला सशक्तिकरण विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली पांच छात्राओं को प्रेरणादायक पुस्तकें देकर सम्मानित किया गया. इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य पंकज कुमार और शिक्षक-शिक्षिकाओं ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बालिकाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाते हैं.
बड़ी संख्या में छात्राओं ने की भागीदारी
कार्यक्रम में वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक शिम्पू कुमारी, मनोसामाजिक परामर्शी प्रिया कुमारी, जिला हब फॉर वूमेन एम्पॉवरमेंट कार्यालय की वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ कविता सिंह, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं. सभी ने इस पहल को बालिका सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया.
