Arwal News: भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का पावन पर्व रक्षाबंधन शुक्रवार को पूरे जिले में श्रद्धा व उत्साह के साथ मनाया जाएगा. त्योहार को लेकर अरवल के शहरी और ग्रामीण बाजारों में जबर्दस्त रौनक और चहल-पहल देखी जा रही है. शहर के मुख्य बाजारों, पुरानी सब्जी मंडी और भगत सिंह चौक सहित विभिन्न चौराहों पर दर्जनों राखियों और मिठाइयों की दुकानें सज चुकी हैं. दुकानों पर महिलाएं और युवतियां अपने भाइयों की कलाई के लिए मनपसंद राखियां खरीदने पहुंच रही हैं, तो वहीं भाई भी अपनी बहनों को उपहार देने के लिए गिफ्ट की खरीदारी में जुटे नजर आ रहे हैं.
राखियों की कीमतों में 20 फीसदी तक उछाल
राखी दुकानदार सन्नी कुमार और राकेश कुमार ने बताया कि थोक मंडियों में लागत बढ़ने के कारण इस वर्ष राखियों की कीमतों में पिछले साल की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है. पिछले वर्ष 15 से 20 रुपये में बिकने वाली सामान्य राखियां इस बार 20 से 25 रुपये में मिल रही हैं. बाजार में 10 रुपये से लेकर हजारों रुपये तक की राखियां बिक रही हैं, हालांकि ग्राहक 20 से 150 रुपये की रेंज वाली ओम, स्वास्तिक, महाकाल, मोती, चंदन, कड़ा, ब्रेसलेट और स्टोन वाली राखियों को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं. वहीं खास पसंद के लिए बाजार में चांदी की राखियां भी 250 रुपये से लेकर 3 हजार रुपये तक और शुद्ध चांदी की विशेष राखियां 10 हजार रुपये से ऊपर की कीमत में उपलब्ध हैं.
बच्चों में छोटा भीम और डोरेमोन का क्रेज
बाजार में बच्चों को लुभाने के लिए छोटा भीम, डोरेमोन, मोटू-पतलू, शिनचैन और पोकेमोन जैसे पसंदीदा कार्टून किरदारों वाली राखियों की भारी मांग है, जो 20 से 50 रुपये में उपलब्ध हैं. इसके साथ ही त्योहार को लेकर मिठाई दुकानों पर भी बड़े पैमाने पर तैयारियां चल रही हैं. मिठाई विक्रेताओं ने पनीर, खोवा और विभिन्न वैरायटी की मिठाइयों के लिए अग्रिम आर्डर दे दिए हैं, ताकि रक्षाबंधन के दिन मिठाई की किल्लत न हो. दूर-दराज रहने वाले भाइयों के लिए बहनें पहले ही डाक व कूरियर के जरिए राखियां भेज चुकी हैं.
सूर्योदय से सूर्यास्त तक रहेगा राखी बांधने का पावन मुहूर्त
पर्व के धार्मिक महत्व और समय को लेकर आचार्य नर्मदेश्वर उपाध्याय ने बताया कि पूर्णिमा तिथि के प्रभाव से रक्षाबंधन का पावन मुहूर्त शुक्रवार को सुबह सूर्योदय काल से शुरू होकर पूरे दिन सूर्यास्त काल तक रहेगा. इस समयावधि में बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनकी दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना कर सकती हैं.
