Arwal News: अरवल जिले में राशन कार्ड और आधार लिंकिंग की जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है. जांच में कई ऐसे लोगों की पहचान हुई है जो आर्थिक रूप से सक्षम होने के बावजूद सरकार की मुफ्त राशन योजना का लाभ उठा रहे थे. इनमें आयकर दाता, चारपहिया वाहन मालिक, ढाई एकड़ से अधिक भूमि के स्वामी तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभुक भी शामिल हैं.
जांच में सामने आये हजारों अपात्र लाभुक
विभागीय सूत्रों के अनुसार जांच में ऐसे लोगों की पहचान हुई है जो नियमित रूप से इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करते हैं, करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं और वाहन भी रखते हैं. इसके बावजूद वे गरीबों के लिए निर्धारित राशन का लाभ ले रहे थे. विभाग द्वारा अब दोपहिया वाहन मालिकों की भी जांच की जा रही है और उन्हें भी योजना के दायरे से बाहर करने की प्रक्रिया चल रही है.
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में भेजे गये नोटिस
आपूर्ति विभाग के अनुसार जिले के 16 हजार 796 ग्रामीण और 713 शहरी राशन कार्डधारियों को नोटिस जारी किया गया है. वहीं 6 हजार 659 ग्रामीण तथा 228 शहरी कार्डधारियों की जांच अभी जारी है. विभाग ने सभी चिन्हित लाभुकों को सात दिनों के भीतर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया है.
प्रखंडवार कार्रवाई और जांच जारी
जिला आपूर्ति पदाधिकारी गोविंदा मिश्रा ने बताया कि जांच में अब तक लगभग 18 हजार अपात्र कार्डधारियों की पहचान की गई है. ग्रामीण क्षेत्रों में अरवल प्रखंड में 3130, कलेर में 2649, करपी में 4221, कुर्था में 3406 और बंशी में 1877 मामलों में कार्रवाई की गई है. वहीं शहरी क्षेत्र के 713 कार्डधारियों पर भी कार्रवाई हुई है. इसके अलावा अरवल में 1069, कलेर में 1256, करपी में 2269, कुर्था में 1281 और बंशी में 784 मामलों की जांच अभी जारी है.
क्या कहते हैं पदाधिकारी
अनुमंडल पदाधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि राशन कार्ड से जुड़े आधार कार्डों की जांच में बड़ी संख्या में ऐसे लाभुक मिले हैं जो लाखों रुपये का आयकर रिटर्न भरते हुए भी मुफ्त राशन का लाभ ले रहे थे. विभाग द्वारा चिन्हित अपात्र लाभुकों को नोटिस भेजा गया है. जांच के बाद करीब 18 हजार लोगों के राशन कार्ड रद्द किये गये हैं. पात्र पाये जाने वाले लाभुकों को राहत दी जायेगी, जबकि अपात्र पाये जाने पर राशन कार्ड स्थायी रूप से रद्द कर दिया जायेगा.
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