Arwal News: जिले के परासी प्रखंड के पैक्य में पूर्व के जारी महता सूची में 496 मतदाता को फर्जी तरीके से बड़ी एवं धांधली कर पैषमा अध्यक्ष द्वारा जेड़ा गया था और वैध किसानों का नाम नहीं बेड़ा गया था. बिना कोई कारण के 18 वर्ष से कम मान कर सभी ऑनलाइन आवेदन को अस्वीकृत किया गया था तथा पूर्व के स्वीकृत किसानों का चारवन जमा नहीं लिया गया था, जिसके आलोक में दावा आपत्ति दर्ज करने के बाद जिला प्रशासन के निर्देशानुसार जांच हुई थी, जिसमें भारी धांधली एवं गड़बड़ी पावी गयी थी. जिसके आलोक में एक जनवरी 2016 द्वारा प्राधिकार पटना को अपने मंतव्य के साथ मतदाता सूची में नाम दर्ज करने के लिए पत्र भेजों गयी थी.
पूर्व पैक्स अध्यक्ष पर आरोप, फर्जी तरीके से जोड़ा गया नाम
जिस पर प्राधिकार पटना द्वारा परासी पैक्स का मतदाता सूची विवाद के कारण निर्वाचन स्थगित करना पड़ा था प्राधिकार पटना के द्वारा नई कट ऑफ तिथि 30 अप्रैल की अवधि में 15 मां को प्रकाशन मतदाता सूची में पूर्व पैक्स अध्यक्ष द्वारा परर्जी तरीके से 406 मतदाता का नाम जोड़ा गया था. उसमें से एक भी मतयता का नाम जिला सावरिया पथिकती द्वारा नहीं हटाया गया है एवं सभी वैध किसानों का ऑनलाइन सदस्यता के लिए किये गये आवेदन को अपील की जिला सहकारिता पदाधिकारी द्वारा अपने कार्यालय में सुनवाई करने के बाद भी स्वीकृत नहीं किया गया है और न ही मतदाता सूची में नाम सामिल किया गया है.
नावालिक बच्चों का नाम जोड़ा गया
जबकि पूर्व के जारी मतदाता सूची में पटना जिला एवं दूसरे प्रखंड एवं नावालिक बच्चों का नाम तथा एक परिवार के कई लोगों का नाम जोड़ा जिकासहित कागजात दिये गये थे जो साध्य के रूप में पूर्व के जारी मतदाता सूची के क्रमांक 1222 कुमारला राजेंद्र शर्मा, कमांक 1723 निगम कुमारी पति विकास कुमार जिला पटना, पालीगंज प्रखंड, पंचायत मसौदा जलपुर, बार्ड 01 के मूल निवासी है इनका पंचायत नोटर लिस्ट के क्रमांक 230 एवं 234 पर नाम अंकित है तथा मतयता -1564 रजत कुमार पिता नामदेवराम एवं क्रमांक 1565 कुसुम देवी पति रंजीत राम जिला अरबल, प्रखंड करपी, पंचायत बेलद्वारा, वार्ड नंबा 29 के मूल निवासी है. इनका पंचायत वोटर लिस्ट क्रमीक-78 एवं क्रमांक 85 पर नाम अंकित है रंजीत कुमार के ससुर, रामदेव राम है वहां के दामाद है और क्रमांक-1676 एवं 1679 में आदर्श कुमार एवं इच्छा कुमारी पिता-सुधीर कुमार है जो वर्तमान के पैक्स अध्यक्ष के पुत्र-पुत्री है जो अभी नाधालिग है.
सैकड़ों मतताओं का नाम फर्जी तरीके से जोड़ा गया
इनका आधार में वेडहाड किया गया प्रतीत होता है जो इनका भी मतदाता सूची में नाम जोड गया है. इसी प्रकार कई सैकड़ों मतताओं का नाम फर्जी तरीके से जोड़ा गया है और आधार कार्ड में केड़छाड़ किया गया होता है इसमें जिला सहकारिता पदधिकारी एवं प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी के मिली भगत से पैक्स अध्यक्ष के इशारे पर काम कर तो है परासी पैक्स द्वारा जारी मततृत सूची स्वच्छ नहीं है इस पर चुनाव कराना उचित नहीं होगा कथाक फैशन अध्यक्ष अपना वर्चस्व कायम करना चाहते हैं.
एक भी फर्जी मतदाता का नहीं हटा नाम
जिला सहकारिता पदाधिकारी द्वारा सिर्फ वर्ष 2019 में स्वीकृत किसानों का 51 व्यक्तियों का चालान कटवाया गया है. जो इन्हीं व्यक्तियों का 15 मई को प्रकाशन मतदाता सूची में नाम शामिल किया गया है. अपील की सुनवाई के बाद एक भी किसानों का आवेदन स्वीकृत नहीं किया गया और नहीं तो मतदाता सूची में नाम शामिल किया गया है और नहीं तो पूर्व के जारी मतदाता सूची से एक भी मतदाता का नाम हटाया गया है, तब यह कहना सही नहीं होगा कि जिस मतदाता सूची पर विवाद हुआ और जांच हुई और प्राधिकार पटना द्वारा चुनाव को स्थगित करना पड़ा है और पूर्व के जारी मतदाता सूची में से एक भी फर्जी मतदाता का नाम नहीं हटाया गया.
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