Arwal News: अरवल जिले के ग्रामीण परिवारों के लिए बड़ी राहत की खबर है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना के तहत जिले की सभी 64 पंचायतों में आधुनिक सुविधाओं से युक्त विवाह भवन बनाए जाएंगे. इस योजना से शादी-ब्याह में होने वाले भारी खर्च से ग्रामीण परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है.
शादी के खर्च से मिलेगी राहत, गांवों में बनेंगे आधुनिक विवाह मंडप
ग्रामीण क्षेत्रों में बेटियों की शादी के दौरान टेंट, सजावट, बिजली और पानी जैसी व्यवस्थाओं पर हजारों से लेकर लाखों रुपये तक खर्च हो जाते हैं. मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना के तहत पंचायत स्तर पर विवाह भवन बनने से परिवारों को इन खर्चों से बड़ी राहत मिलेगी.
सभी 64 पंचायतों में बनेगा विवाह भवन, जमीन चयन की प्रक्रिया शुरू
योजना के तहत जिले की सभी 64 ग्राम पंचायतों में विवाह मंडप का निर्माण कराया जाएगा. इसके लिए गांव-गांव में उपयुक्त भूमि की पहचान और चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. प्रशासन का लक्ष्य जल्द से जल्द निर्माण कार्य प्रारंभ करना है.
18 पंचायतों में मिली जमीन, निर्माण को मिली प्रशासनिक मंजूरी
जिले की 18 पंचायतों में विवाह मंडप निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध हो चुकी है और प्रशासनिक स्वीकृति भी प्रदान कर दी गई है. इनमें कुर्था, करपी, अरवल, कलेर और बंशी प्रखंड की विभिन्न पंचायतें शामिल हैं, जहां चरणबद्ध तरीके से निर्माण कार्य कराया जाएगा.
स्टेज से लेकर बिजली-पानी तक, हर सुविधा होगी उपलब्ध
पंचायत स्तर पर बनने वाले विवाह भवनों में स्टेज, कुर्सियां, शौचालय, पेयजल, बिजली और साफ-सफाई जैसी सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. इससे शादी समारोह गरिमापूर्ण और सुविधाजनक तरीके से संपन्न हो सकेंगे.
50 हजार से 3 लाख तक के खर्च से मिलेगी मुक्ति
एक सामान्य शादी में टेंट और अन्य व्यवस्थाओं पर 50 हजार रुपये से लेकर 3 लाख रुपये तक खर्च हो जाता है. आर्थिक रूप से कमजोर परिवार अक्सर इसके लिए कर्ज लेने को मजबूर हो जाते हैं. नई योजना से इस बोझ को काफी हद तक कम करने की उम्मीद जताई जा रही है.
जीविका दीदियां संभालेंगी संचालन, पारदर्शी होगी व्यवस्था
योजना के अनुसार विवाह भवन पंचायत सरकार भवन के निकट बनाए जाएंगे और इनके संचालन की जिम्मेदारी जीविका दीदियों को सौंपी जा सकती है. अधिकारियों का मानना है कि इससे व्यवस्था बेहतर होगी और ग्रामीण परिवारों को सुचारु रूप से सुविधा मिल सकेगी.
भूमि चयन में बरती जाएगी पारदर्शिता, डीएम को मिला अधिकार
विभागीय निर्देश के अनुसार विवाह मंडप निर्माण के लिए लगभग 13,200 वर्ग फीट भूमि की आवश्यकता होगी. भूमि चयन का अंतिम अधिकार जिला पदाधिकारी के पास रहेगा और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी. इससे योजना का लाभ अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों तक पहुंच सकेगा.
ALSO READ: बिहार में महंगाई का नया झटका, घरेलू गैस सिलेंडर 29 रुपये महंगा
