Arwal News: (निशिकांत की रिपोर्ट) अरवल जिले में खरीफ फसलों की उत्पादकता बढ़ाने और किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों से रूबरू कराने के लिए कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (ATMA) द्वारा खरीफ महाअभियान की शुरुआत की गई है. इसके तहत संयुक्त कृषि भवन के प्रांगण में जिला स्तरीय खरीफ कर्मशाला-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया. कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन मुख्य अतिथि उप विकास आयुक्त (DDC) शैलेश कुमार एवं जिला कृषि पदाधिकारी-सह-परियोजना निदेशक रणजीत कुमार झा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया.
जिला कृषि पदाधिकारी रणजीत कुमार झा ने कार्यक्रम में पहुंचे सभी गणमान्य अतिथियों, कृषि वैज्ञानिकों, पदाधिकारियों और प्रसार कर्मियों का स्वागत किया. उन्होंने खरीफ महाअभियान के मुख्य उद्देश्यों को रेखांकित करते हुए क्षेत्र के किसानों से पारंपरिक खेती की जगह प्राकृतिक खेती अपनाने की भावुक अपील की, ताकि मिट्टी की सेहत को सुधारा जा सके.
धान और मोटे अनाजों के बीज वितरण का लक्ष्य तय
जिला कृषि पदाधिकारी ने कर्मशाला में खरीफ मौसम के लिए मिले आधिकारिक लक्ष्यों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि जिले में विभिन्न फसलों की खेती के लिए उन्नत बीजों के वितरण का लक्ष्य प्राप्त हो चुका है, जो इस प्रकार है:
- धान: 186.2 क्विंटल बीज वितरण का लक्ष्य.
- अरहर: 16 क्विंटल बीज.
- मक्का: 8.00 क्विंटल बीज.
- ज्वार व बाजरा: 10.00-10.00 क्विंटल बीज.
- मडुआ: 55.00 क्विंटल बीज.
- सावाँ: इसके लिए 50 एकड़ में खेती का विशेष लक्ष्य रखा गया है.
उन्होंने सभी कृषि प्रसार कर्मियों को पंचायतवार बीज और उर्वरक के लक्ष्य से अवगत कराते हुए निर्देश दिया कि समय रहते शत-प्रतिशत बीजों का उठाव सुनिश्चित कराया जाए. डीडीसी शैलेश कुमार ने कहा कि कृषक बंधु बीज प्राप्त करने के लिए ‘बिहार कृषि ऐप’ के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. किसानों को उनकी आवश्यकतानुसार बीज प्रतिष्ठान या होम डिलीवरी के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा.
10 जून से प्रखंडों में होगा कर्मशाला का आयोजन
उप विकास आयुक्त शैलेश कुमार ने जिले के सभी प्रसार कर्मियों को कृषि विभाग की कल्याणकारी योजनाओं को किसानों तक पूरी पारदर्शिता और सरल तरीके से पहुँचाने का कड़ा निर्देश दिया. उन्होंने अरवल के किसानों से आह्वान किया कि वे सरकार द्वारा संचालित अनुदान योजनाओं का लाभ लेने के लिए अधिक से अधिक संख्या में डिजिटल आवेदन करें. डीडीसी ने जैव विविधता को बनाए रखने पर बल दिया और सभी कर्मियों को ‘एग्रीस्टेक परियोजना’ के तहत फार्मर्स रजिस्ट्री के कार्य को युद्धस्तर पर पूरा करने का टास्क दिया.
मंच का सफल संचालन कृषि समन्वयक शिव कुमार गोस्वामी ने किया. उप परियोजना निदेशक अजीत कुमार पासवान ने आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि इस जिला स्तरीय कार्यक्रम के बाद 10 से 14 जून के बीच तिथिवार तरीके से जिले के सभी प्रखंड मुख्यालयों में प्रखंड स्तरीय खरीफ कर्मशाला-सह-प्रशिक्षण का आयोजन होगा. इसके अलावा, 11 जून से सभी ग्राम पंचायतों में ‘कृषि जन कल्याण चौपाल-सह-खेत बचाओ अभियान’ चलाया जाएगा.
इस महत्वपूर्ण कर्मशाला में उप निदेशक कृषि अभियंत्रण आशीष कुमार, जिला उद्यान पदाधिकारी राहुल रंजन, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी कुमारी संजुलता सहित सभी सहायक निदेशक, प्रखंड कृषि पदाधिकारी (BAO), प्रखंड उद्यान पदाधिकारी, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक (BTM), कृषि समन्वयक, सहायक तकनीकी प्रबंधक (ATM), किसान सलाहकार और अधिकृत बीज विक्रेता मुख्य रूप से उपस्थित रहे.
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