Arwal News: (अंजनी कुमार की रिपोर्ट) अपने ऐतिहासिक एवं पौराणिक धार्मिक महत्व के लिए सुप्रसिद्ध मधुश्रवा मेले में इस वर्ष आने वाले श्रद्धालुओं को एक अद्भुत और अभूतपूर्व आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त हो रही है. प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के जहानाबाद केंद्र द्वारा ब्रह्माकुमारीज अरवल के विशेष सहयोग से मेले में पहली बार 15 दिवसीय ’12 ज्योतिर्लिंग दर्शन महोत्सव’ का भव्य एवं अलौकिक आयोजन किया गया है. यह विशेष प्रदर्शनी न केवल पूरे मेले का सबसे प्रमुख आकर्षण केंद्र बनी हुई है, बल्कि यहाँ आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को सच्ची आध्यात्मिक चेतना और आत्मिक शांति का संदेश भी दे रही है.
इस भव्य प्रदर्शनी में भारतवर्ष के कोने-कोने में स्थापित सभी 12 ज्योतिर्लिंगों के भव्य, सजीव एवं अत्यंत मनमोहक स्वरूपों को एक ही भव्य परिसर में कलात्मक ढंग से दर्शाया गया है. इसके चलते वैसे श्रद्धालु जो देश के सभी ज्योतिर्लिंगों की यात्रा करने में असमर्थ हैं, उन्हें एक साथ एक ही स्थान पर महादेव के सभी रूपों के दर्शन का दुर्लभ और सौभाग्यपूर्ण अवसर प्राप्त हो रहा है.
चैतन्य देवियों की झांकी और राजयोग मेडिटेशन से तनावमुक्ति का मंत्र, उमड़े श्रद्धालु
12 ज्योतिर्लिंगों के अलावा इस प्रदर्शनी परिसर में चैतन्य देवियों की अत्यंत आकर्षक झांकियां भी सजाई गई हैं, जो दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर रही हैं. इसके साथ ही अध्यात्म ज्ञान प्रदर्शनी और राजयोग मेडिटेशन के लिए विशेष शिविर भी लगाया गया है. यहाँ आने वाले लोगों को आज के इस भागदौड़ भरे युग में तनावमुक्त, व्यसनमुक्त और सुखी जीवन जीने की व्यावहारिक प्रेरणा और कला सिखाई जा रही है.
ब्रह्माकुमारीज जहानाबाद केंद्र की मुख्य संचालिका बीके शशि दीदी के कुशल मार्गदर्शन एवं ब्रह्माकुमारीज अरवल केंद्र की संचालिका बीके मंजू दीदी के सक्रिय सहयोग से आयोजित इस महोत्सव में प्रतिदिन हजारों की संख्या में शिवभक्त, कांवड़िए और मेले में आने वाले आम दर्शक पहुंचकर ईश्वरीय ज्ञान का लाभ उठा रहे हैं. इस दौरान स्थानीय विधायक मनोज कुमार शर्मा भी कार्यक्रम में पहुंचे, जिन्हें ब्रह्माकुमारी की दीदी द्वारा अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया.
बढ़ते तनाव के बीच नैतिक मूल्यों और सकारात्मक सोच की जरूरत: बीके शशि दीदी
समारोह को संबोधित करते हुए बीके शशि दीदी ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते मानसिक तनाव, डिप्रेशन, आपसी कलह और चिंता के बीच मानव समाज को नैतिक व आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक हो गया है. इसी पावन उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए इस मेले में अध्यात्म, सकारात्मक सोच, नैतिक मूल्य और राजयोग का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि एक ही पंडाल के नीचे सभी ज्योतिर्लिंगों का दर्शन पाना श्रद्धालुओं के लिए बड़े पुण्य का कार्य है.
आयोजन की मुख्य विशेषताएं:
- 15 दिवसीय महोत्सव: पूरे मलमास मेले के दौरान लगातार जारी रहेगी प्रदर्शनी.
- सजीव झांकियां: 12 ज्योतिर्लिंगों के साथ चैतन्य देवियों का भव्य स्वरूप.
- फ्री मेडिटेशन: आम लोगों को मानसिक शांति के लिए सिखाया जा रहा राजयोग.
मेले में पहुंचे श्रद्धालुओं ने भी ब्रह्माकुमारीज परिवार के इस प्रयास की भूरि-भूरि प्रशंसा की है. श्रद्धालुओं का कहना है कि यह आयोजन धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक जागरूकता का एक अद्भुत और पावन संगम है. पूरे मेला परिसर का वातावरण ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष और आध्यात्मिक ऊर्जा से गुंजायमान है.
इस भव्य और विशाल आयोजन को सफल बनाने में बीके प्रियंका बहन, सुनीता बहन, बीके चंदन भाई, बीके सूरज भाई, दयानंद भाई, बालकृष्ण भाई एवं रोशन भाई सहित ब्रह्माकुमारीज परिवार के दर्जनों समर्पित कार्यकर्ताओं और सेवाधारियों का सराहनीय योगदान रहा. उनकी निस्वार्थ सेवा और अथक प्रयासों के कारण ही यह महोत्सव इस वर्ष के मधुश्रवा मेले का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हो रहा है.
