अरवल में भाकपा ने किसान, मजदूर और गरीबों के मुद्दों पर खोला मोर्चा, 16 सूत्री मांगों को लेकर डीएम को सौंपा ज्ञापन

Arwal CPI News: अरवल में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने 16 सूत्री मांगों को लेकर रोषपूर्ण मार्च निकाला. शाह जुहैर भवन से शुरू हुआ मार्च विभिन्न मार्गों से होते हुए डीएम कार्यालय पहुंचा, जहां पार्टी नेताओं ने प्रदर्शन कर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा. नेताओं ने किसान, मजदूर और गरीबों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया.

Arwal CPI News: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के जिला सचिव अरुण कुमार के नेतृत्व में गुरुवार को 16 सूत्री मांगों को लेकर रोषपूर्ण मार्च निकाला गया. मार्च भाकपा कार्यालय शाह जुहैर भवन से शुरू होकर अरवल-औरंगाबाद रोड, भगत सिंह चौक तथा अरवल-जहानाबाद रोड होते हुए जिला पदाधिकारी कार्यालय पहुंचा, जहां कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया.

सरकार की नीतियों के खिलाफ जताया विरोध

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए भाकपा के राज्य कार्यकारिणी सदस्य गजनफर नवाब ने कहा कि बिहार में भाजपा सरकार बनने के बाद दलितों और गरीबों की बस्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई बढ़ी है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों से गरीब, मजदूर, किसान और दलित वर्ग प्रभावित हो रहे हैं.

किसान-मजदूरों को गोलबंद होने का आह्वान

भाकपा जिला सचिव अरुण कुमार ने कहा कि किसानों, मजदूरों, छात्रों और नौजवानों को अपने अधिकारों के लिए एकजुट होना होगा. उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं और अन्याय के खिलाफ संघर्ष को मजबूत करने की जरूरत है. उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठित होकर आंदोलन को आगे बढ़ाने का आह्वान किया.

लाल झंडों के साथ सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता

रोषपूर्ण मार्च में बड़ी संख्या में किसान, मजदूर, छात्र और नौजवान हाथों में लाल झंडा लेकर शामिल हुए. प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी भी की.

डीएम को सौंपा 16 सूत्री मांगों का ज्ञापन

प्रदर्शन के बाद भाकपा के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने जिला पदाधिकारी को 16 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा. प्रतिनिधिमंडल में राज्य कार्यकारिणी सदस्य गजनफर नवाब, जिला सचिव अरुण कुमार, सचिव मंडल सदस्य रामचंद्र पाठक, मोइन अंसारी तथा करपी अंचल सचिव गोपाल मिश्रा शामिल थे. इस मौके पर सचिव मंडल सदस्य सुशील कुमार, सुरेश सिंह, गोपाल मिश्रा सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे.

16 सूत्री मांगों की सूची—–

  1. किसानों की उपज का लाभकारी मूल्य और एमएसपी की कानूनी गारंटी.
  2. 60 वर्ष से ऊपर सभी किसान-मजदूरों को ₹3000 मासिक पेंशन.
  3. खेत मजदूरों के लिए व्यापक केंद्रीय कानून.
  4. वर्षों से बसे गरीबों को आवासीय भूमि का पर्चा.
  5. किसानों के दाखिल-खारिज में हो रही दलाली/लूट पर रोक.
  6. रजिस्टर-11 की विसंगतियों को दूर कर कम्प्यूटरीकरण में सुधार.
  7. गरीब परिवारों को पांच-पांच डिसमिल जमीन.
  8. गैर-मजरुआ जमीन की पैमाइश कर गरीबों के नाम बंदोबस्ती.
  9. बेरोजगारों को रोजगार, नहीं तो बेरोजगारी भत्ता.
  10. मनरेगा को कमजोर करने वाले प्रावधानों को समाप्त करने की मांग.
  11. चार लेबर कोड रद्द करने की मांग.
  12. जिले की जर्जर सड़कों की मरम्मत.
  13. बढ़ती महंगाई पर रोक.
  14. जाति प्रमाण-पत्र बनाने की प्रक्रिया सरल करने और पूर्व व्यवस्था बहाल करने की मांग.
  15. कलेर प्रखंड क्षेत्र में गैरमजरुआ भूमि पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र/अन्य सार्वजनिक निर्माण की मांग.
  16. सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के लाभुकों (वृद्ध, विकलांग, विधवा आदि) की राशि का अविलंब भुगतान.

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लेखक के बारे में

Published by: Nikhil Anurag

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर पलायन कर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.

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