Arwal News: विश्व तंबाकू निषेध दिवस के मौके पर अरवल जिले में जागरूकता को लेकर कई कार्यक्रम आयोजित किए गए. इस दौरान रैली और कार्यशालाओं के माध्यम से लोगों को तंबाकू सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों के प्रति जागरूक किया गया. कार्यक्रम में छात्रों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया.
जागरूकता रैली से शहर में गूंजा तंबाकू विरोधी संदेश
जिले में निकाली गई जागरूकता रैली के माध्यम से लोगों को तंबाकू, गुटखा और पान मसाला के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई. रैली का उद्देश्य समाज में तंबाकू के सेवन को कम करना और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना था.
जीएनएम स्कूल में आयोजित हुई कार्यशाला
जीएनएम स्कूल में आयोजित कार्यशाला की अध्यक्षता एनसीडीओ डॉ. अरविंद कुमार ने की, जबकि कार्यक्रम का उद्घाटन सिविल सर्जन डॉ. राजकिशोर प्रसाद ने किया. इस दौरान स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने तंबाकू के खतरों पर विस्तार से चर्चा की.
विशेषज्ञों ने कैंसर के खतरे पर दी चेतावनी
कैंसर विभाग की डॉ. अपर्णा चित्रांश, डॉ. निपुनिका और डॉ. दिव्यादित्य सहित कई विशेषज्ञों ने बताया कि तंबाकू सेवन से मुंह, गले और अन्य अंगों में कैंसर का खतरा काफी बढ़ जाता है. उन्होंने लोगों से इससे दूर रहने की अपील की.
छात्रों ने ली तंबाकू मुक्त जीवन की शपथ
कार्यक्रम के दौरान जीएनएम स्कूल की छात्राओं को तंबाकू मुक्त जीवन जीने की शपथ दिलाई गई. साथ ही जागरूकता बढ़ाने के लिए पंपलेट का भी वितरण किया गया, ताकि अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़ सकें.
90 प्रतिशत तक ठीक होने की संभावना, समय पर पहचान जरूरी
एनसीडीओ डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि ओरल, हेड-नेक और बच्चेदानी के कैंसर का शुरुआती चरण में पता चलने पर इलाज की सफलता दर 90 प्रतिशत तक हो सकती है. उन्होंने नियमित जांच और सतर्कता पर जोर दिया.
तंबाकू बिक्री पर चिंता, जागरूकता बढ़ाने की अपील
सिविल सर्जन डॉ. राजकिशोर प्रसाद ने कहा कि जिले में तंबाकू सेवन में कमी आई है, लेकिन इसकी बिक्री अब भी बड़ी मात्रा में हो रही है. उन्होंने समाज से तंबाकू मुक्त भविष्य के लिए सामूहिक प्रयास करने की अपील की.
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