करपी(अरवल) : प्रखंड क्षेत्र के बम्भई ग्राम में शिव मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह का शुभारंभ बुधवार को कलश यात्रा से किया गया. बम्भई एवं आसपास गांव से जुटे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सात किलोमीटर की दूरी पैदल तय कर देवकुंड पहुंचे जहां सरोवर से पवित्र जल लेकर पुनः वापस आयोजन स्थल तक पहुंचे. वृंदावन से पधारे देवकीनंदन भारद्वाज एवं पदमचक्रपाणि जी महाराज ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पवित्र जल मंत्रोच्चार के साथ जल उठाया गया.
और वहां से जल लेकर श्रद्धालु आयोजन स्थल तक पहुंचे. अपने प्रवचन में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए दोनों संतों ने कहा कि उस कुसंगत से बचने के लिए सत्संग करना जरूरी है. सत्संग से व्यक्ति की आत्मा शुद्ध होती है और सत्य कर्म करने की प्रेरणा व्यक्ति में पैदा होता है. उन्होंने कहा कि आज के इस जीवन में लोग भौतिक सुखों की ओर आकर्षित होते चले जा रहे हैं. नतीजतन अशांति रोग अनिद्रा तरह – तरह की समस्याएं मानव जीवन में खड़ी हो रही है. इन समस्याओं का समाधान तभी हो सकता है
जब व्यक्ति ईश्वर की शरण में जाए. ईश्वर की शरण में जाने से मन को शांति मिलती है जो स्वस्थ जीवन का मूल मंत्र है. इससे व्यक्ति को अलौकिक सुख की प्राप्ति भी होती है. यह कथा प्रवचन 3 दिनों तक लगातार चलता रहेगा. इस आयोजन में आसपास के क्षेत्रों से काफी संख्या में लोग जुट रहे हैं.
