अरवल ग्रामीण : बिहार राज्य आंगनवाड़ी कर्मचारी यूनियन के तत्वावधान में जिला क्षेत्र के सभी आंगनवाड़ी सेविका सहायिकाओं ने अपने 17 सूत्री मांगों के समर्थन में मुख्यालय शहर के सीडीपीओ कार्यालय से आक्रोश मार्च निकाला.
आक्रोश मार्च शहर के विभिन्न् मार्ग से होते हुए समाहरणालय परिसर पहुंचा. इस दौरान आ्ंगनवाड़ी के कार्यकर्ताओं ने अपने मांगों के समर्थन में नारे भी लगाये. आक्रोश मार्च समाहरणालय परिसर में पहुंचकर सभा में तब्दिल हो गया. सभा की अध्यक्षता करते हुए सुनीता कुमारी ने अपने संबोधन में कही कि सरकार आंगनवाड़ी सेविका सहायिकाओं के साथ एचित सा व्यवहार नहीं कर रही है. जिसके कारण आंगनवाड़ी के लोगों के सामने कइ्र प्रकार कि समस्या उत्पन्न हो गयी है.
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा अपनी मांगों के समर्थन में कई बाद सरकार को अवगत कराया जा चुका है लेकिन सरकार द्वारा अभी तक कारगर कदम नहीं उठाया गया है. वही वक्ताओं ने कहा कि आंगनवाड़ी सेविका सहायिकाओं को गोवा- तेलांगना की भांति बिहार सरकार भी 7000 रूपया सेविका तथा 4500 रूपया सहायिका को अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराये. उन्होंने बताया कि 3 से 7 अप्रैल तक आंगनवाड़ी के कार्यकर्ता द्वारा जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन कर मांग-पत्र सौंपने का निर्णय लिया गया है. वहीं 10 अप्रैल को जिला मुख्यालय में अपनी मांगों के समर्थन में जेल भरो अभियान चलाकर अपनी गिरफ्तारी देंगे.
आंगनवाड़ी के कार्यकर्ताओं ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि सरकार आंगनवाड़ी कर्मियों को सरकारी कर्मियों का दर्जा दे. सेवा निवृति की उम्र सीमा 65 वर्ष किया जाय तथा सेवा निवृति के उपरांत 5 हजार रूपया मासीक पेंशन एवं क मुस्त 5 लाख रूपया सहित 17 सूत्री मांगों के समर्थन में एक मांग पत्र जिला पदाधिकारी एवं एसडीओ अरवल को सौपा गया. इस अवसर पर कुमारी विजया, शोभा कुमारी, रेखा कुमारी, अर्चना कुमारी, अनुप्रभा कुमारी समेत अन्य आंगनवाड़ी सेविका सहायिका शामिल थे.
