अरवल : सदर प्रखंड मुख्यालय के समक्ष जिला पंचायत समिति उप प्रमुख व प्रमुख संघ के द्वारा प्रदेश इकाई के आह्वान पर अपने अधिकारों की कटौती के विरुद्ध एक दिवसीय धरना दिया गया.
धरना की अध्यक्षता संघ के जिला अध्यक्ष सह सदर प्रखंड प्रमुख कुंती देवी ने की. धरने को संबोधित करते हुए करपी प्रखंड प्रमुख संघ की सचिव नीलम देवी ने कहा कि भारतीय संविधान के 73 वें संशोधन अधिनियम के तहत बिहार में पंचायती राज अधिनियम 2006 के अधीन त्रि-स्तरीय पंचायती राज की व्यवस्था के ग्राम पंचायत समिति एवं जिला पर्षद तीन स्तर है,
जो एक दूसरे के पूरक के रूप में मजबूती प्रदान कर पंचायती राज व्यवस्था को धरातल पर उतारने में सहायक सिद्ध होता है. पंचायत चुनाव 2001 के शुरू में तीनों स्तरों को बराबर अधिकार देकर समानता के भाव से सफलतापूर्वक कार्य करने के लिए पंचायती राज व्यवस्था को प्रोत्साहित किया गया था लेकिन कुछ ही दिनों बाद से पंचायत समिति एवं जिला पर्षद के अधिकारों में ग्राम पंचायत की अपेक्षा कटौती की गयी, जिससे इसके प्रतिनिधि उपेक्षित महसूस कर रहे हैं तथा जनता की आशाओं पर खरा उतरने के बजाय उपहास का पात्र बन रहे हैं.
धरना के माध्यम से संघ ने जिला पदाधिकारी को एक मांग पत्र सौंपा है, जिसमें अधिकारों में की गयी कटौती को वापस लेने का आग्रह किया
गया है. धरना में कुर्था प्रखंड प्रमुख अनिल कुमार, वंशी प्रखंड प्रमुख महाराणा सिंह, कलेर प्रखंड प्रमुख मो सेराज सहित कई पंचायत समितियों ने भाग लिया.
