कुर्था अरवल : नीतीश सरकार में महफूज नहीं है दलित समाज इसका उदाहरण है अररिया में भाकपा माले के जिला सचिव और खेमस के नेता की हत्या. उक्त बातें बुधवार को भाकपा माले नेताओं ने सड़क जाम करने के दौरान कही. साथ ही उन्होंने कहा कि महागंठबंधन की सरकार में महादलितों पर हमला और हत्याएं हो रही हैं. एक तरफ नीतीश सरकार दलितों और पिछड़ों की रहनुमा रहनुमा बताती है तो दूसरी तरफ सरेआम उनकी घरों में घुस कर हत्याएं की जा रही है
और सरकार व प्रशासन मूक दर्शक बनी है. अररिया जिले के भाकपा माले जिला सचिव सत्यनारायण यादव व खेमस के नेता कमलेश्वरी ऋषिदेव की हत्या राजद के गुंडों के द्वारा किया गया. भरगामा थाने के रहरिया गांव महज एक छोटा सा दलित मुसहर टोला है. जहां सरकार के तरफ से जमीन का परचा मिला हुआ था. उसी जमीन को फर्जी तरीके से खाली करवाने के लिए दर्जन भर मुसहर जाति के लोगों को राजद के दबंगों द्वारा पिटायी की गयी. जिसमें दो
नेताओं की हत्या हुई. वहीं हत्या को लेकर कुर्था गया मुख्य मार्ग को घंटो जाम कर दिया गया. जिससे सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गयी. वहीं सड़क जाम कर रहे लोगों ने मृतक के परिजनों को 20-20 लाख रुपये मुआवजा व एक को नौकरी देने की मांग सरकार से की है. इस मौके पर भाकपा माले नेता महेश यादव, अवधेश यादव, राजेश्वरी यादव समेत कई नेता शामिल थे.
