एनटीपीसी में मजदूरों का हंगामा

आक्रोश. श्रम कानून का उल्लंघन करने के विरोध में जम कर नारेबाजी बाढ़ : कंपनी द्वारा मजदूरी का निर्धारित और समय पर भुगतान नहीं करने से बाढ़ के सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट में सोमवार की सुबह हजारों मजदूरों ने प्रबंधन पर शोषण और मनमानी का आरोप लगाते हुए करीब पांच घंटे तक मेन गेट के […]

आक्रोश. श्रम कानून का उल्लंघन करने के विरोध में जम कर नारेबाजी

बाढ़ : कंपनी द्वारा मजदूरी का निर्धारित और समय पर भुगतान नहीं करने से बाढ़ के सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट में सोमवार की सुबह हजारों मजदूरों ने प्रबंधन पर शोषण और मनमानी का आरोप लगाते हुए करीब पांच घंटे तक मेन गेट के पास हंगामा किया. मजदूरों ने श्रम कानून का उल्लंघन करने के विरोध में जम कर नारेबाजी की. हंगामे को देख सीआइएसएफ कर्मियों को मेन गेट पर तैनात करते हुए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ायी गयी. बाद में वरीय अधिकारी के आश्वासन के बाद मजदूर काम पर लौटे.
प्रोजेक्ट में काम कर रहे मजदूरों ने बताया कि निजी कंपनियों द्वारा श्रम कानून के निर्धारित निर्देशों के आधार पर मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा रहा है. वहीं दूसरी तरफ मनमाने तरीके से उनकी छंटनी भी की जा रही है. मजदूरों ने आरोप लगाया कि मजदूरी में कटौती करने के बाद कई माह तक भुगतान लंबित रखा जाता है. कम मजदूरी मिलने की शिकायत पर कंपनी प्रबंधन काम से बाहर करने की धमकी देते हैं. मामले को लेकर कुछ दिनों पूर्व ही मजदूरों ने एसआर दफ्तर के पास हंगामा किया था, जिसके बाद प्रबंधन ने मांगों को लेकर कार्रवाई का भरोसा दिया था. प्रबंधन द्वारा फिर अनदेखी करने से मजदूरों का गुस्सा फूट पड़ा. कई मजदूरों ने आरोप लगाया कि हमें मनमाने तरीके से काम पर से हटाया जा रहा है.
ज्ञात हो कि एक अप्रैल 17 से अकुशल मजदूरों को 359 रुपये, अर्धकुशल को 420, कुशल को 506 तथा अति कुशल मजदूरों को 593 रुपये प्रतिदिन देने का प्रावधान है. मजदूरी का भुगतान हरेक माह के 10वें दिन करना होता है, लेकिन प्रबंधन द्वारा इसका भुगतान निर्देश के आधार पर नहीं किया जा रहा है. बाद में एनटीपीसी प्रबंधन के वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और नाराज मजदूरों को उनकी मांग पूरी करने का भरोसा देकर आंदोलन समाप्त कराया. इस दौरान मेन गेट के सामने हाइवे पर वाहन जाम लगा रहा.
मजदूरों को डराने के लिए दबंगों का सहारा ले रही कंपनी : मजदूरों की मानें तो एनटीपीसी परियोजना में काम कर रही निजी कंपनियों ने मजदूरों का दमन करने के लिए स्थानीय दबंगों को बहाल कर रखा है.
कंपनी के इशारे पर ये दबंग मजदूरों को धमकाते हैं. वहीं कार्यस्थल पर असुरक्षित वातावरण के कारण दर्जनों मजदूरों की अब तक मौत हो चुकी है. हर बार सुरक्षा को लेकर योजनाएं बनती हैं, लेकिन कुछ ही दिनों के बाद ठंडे बस्ते में चली जाती हैं. मजदूर यहां जान जोखिम में डाल कर काम करते हैं.
श्रम कानून उल्लंघन के दर्जनों मामले लंबित : बाढ़ एनटीपीसी परियोजना में श्रम कानून के उल्लंघन को लेकर करीब पांच दर्जन मामले बाढ़ न्यायालय में ट्रायल के लिए लंबित हैं. इनमें न्यूनतम मजदूरी भुगतान नहीं करने तथा ठेका श्रम अधिनियम उल्लंघन को लेकर केंद्रीय श्रम मंत्रालय के अधिकारियों द्वारा दायर मुकदमे हैं. सभी मुकदमे विगत 10 वर्षों के दौरान दायर किये गये हैं. इनमें कार्य स्थल पर मजदूरों की नियुक्ति की पंजी नहीं रखने, बिना लाइसेंस के काम कराने एवं जांच में बाधा डालने जैसे आरोप लगाये गये हैं. बाढ़ कोर्ट के विशेष अपर लोक अभियोजन सिद्धेश्वर प्रसाद ने बताया
पांच घंटे तक काम बाधित, कई माह का भुगतान लंिबत
निजी कंपनी के एमडी की संपत्ति कुर्क करने का आदेश : बाढ़ एनटीपीसी परियोजना में काम करने वाली कंपनी डेलको इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट लिमिटेड के एमडी हरिराम सिंह के खिलाफ स्थानीय एसडीजेएम के द्वारा श्रम कानून उल्लंघन के मुकदमे में सम्मन के बावजूद उपस्थित नहीं होने पर संपत्ति कुर्क करने का आदेश निर्गत किया है. इस बाबत स्पेशल एपीपी ने बताया कि सोमवार को इस मुकदमे की तारीख थी जिस पर आदेश का तामिला नहीं हो पाया है.
पुलिस को कोर्ट द्वारा संपत्ति कुर्क करने के आदेश का पालन करने का निर्देश दिया गया है. ज्ञात हो की स्विच यार्ड में सिविल का काम करने वाली इस कंपनी के कार्यस्थल पर श्रम अधिकारियों ने 20 जनवरी 12 को जांच की थी.

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