शिवलिंग पर जलाभिषेक कर श्रद्धालु मनोवांछित फल प्राप्त करते हैं
महर्षि च्यवन मुनि की कर्मभूमि सावन में उमड़ते हैं िशवभक्त
करपी(अरवल) : अरवल-औरंगाबाद जिले की सीमा पर स्थित बाबा नगरी देवकुंड धाम बाबा भोले नाथ की आराधना के लिए प्रसिद्ध है. महर्षि च्यवन मुनि की कर्म भूमि देवकुंड में मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के द्वारा स्थापित शिवलिंग पर जलाभिषेक कर श्रद्धालु मनोवांछित फल प्राप्त करते हैं.
यहां पर स्थित तालाब में सहस्त्र धाराओं का होना बताया जाता है. इतना महत्वपूर्ण होने के बाद भी तालाब आज भी उपेक्षित है. इस तालाब की सफाई नहीं होने के कारण तालाब में कचरा भरा है. जबकि मठ की खेती योग्य जमीन से प्रत्येक वर्ष लाखों रुपये की आय के अतिरिक्त यहां लगने वाली दुकानों से भी प्रतिदिन मठ को राजस्व की प्राप्ति होती है. इसके बाद भी इस एेितहािसक तालाब की सफाई की ओर किसी का ध्यान नहीं जा रहा है़
मालूम हो िक सावन में हजारों की संख्या में शिव भक्त पटना गायघाट से कांवर में गंगा जल भर 115 किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर देवकुंड पहुंच बाबा दुधेश्वर नाथ पर जलाभिषेक करते हैं. इस बार श्रद्धालुओं को मंदिर में शिवलिंग पर जलाभिषेक करने में भीषण गरमी का सामना न करना पड़े, इसके लिए एसी भी लगा दिया गया है. साथही मंदिर का भी सौंदर्यीकरणकिया जा रहा है.
