किसानों की समस्याओं को लेकर दिया धरना

अरवल ग्रामीण : बिहार राज्य किसान सभा जिला इकाई के तत्वावधान में किसानों से जुड़े समस्याओं को लेकर एक दिवसीय धरना मुख्यालय अवस्थित सदर प्रखंड परिसर में किया गया. इस अवसर पर वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार किसानों के प्रति संवेदनहीन है. यहीं कारण है कि किसान लचर जीवन जीने को मजबूर […]

अरवल ग्रामीण : बिहार राज्य किसान सभा जिला इकाई के तत्वावधान में किसानों से जुड़े समस्याओं को लेकर एक दिवसीय धरना मुख्यालय अवस्थित सदर प्रखंड परिसर में किया गया. इस अवसर पर वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार किसानों के प्रति संवेदनहीन है. यहीं कारण है कि किसान लचर जीवन जीने को मजबूर है लेकिन सरकार किसानों को झूठे वादे कर कर रहीं है. किसान सभा किसानों के हित में हमेशा संघर्ष करेगी.

धरना सभा समाप्ति के अवसर पर जिला पदा0 को एक मांग पत्र भी सौंपा गया. जिसमें स्वामी नाथन आयोग की अनुशंसा लागू करते हुए किसानों की फसल का लाभकारी मूल्य देने, सरकारी बीमा कंपनियों द्वारा खेसरा हर तरह के फसल नुकसान पर कृषि बीमा का लाभ किसान एवं बटाईदार को देने, कृषि को उद्योग का दर्जा देने एवं फसल आधारित किसानों का कृषि ऋण माफ करने , पेंशन कानून बनाकर दस हजार प्रति माह पेंशन देने, सोन नहर में अविलंब पानी छोड़ने,

पैक्स के संचालन के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध कराने, बंद पड़े नलकूप को अविलंब चालू करने एवं बिजली आपूर्ति नियमित चालू करने एवं पशुपालक किसानों के घाटे की आपूर्ति करने, मनरेगा में हो रहीं धांधली को बंद करने एवं समान शिक्षा प्रणाली के तहत खेत मजदूर के बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने सहित 15 सूत्री मांगों को रखा गया.

इस अवसर पर प्रधानमंत्री एवं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री का पुतला दहन भी किया गया. इस अवसर पर रामजीवन सिंह, राजेंद्र सिंह, दीनानाथ सिंह, रामचंद्र पाठक, लाल बहादुर पासवान , विजय दास, रघुवंश प्रसाद के अलावे अन्य नेता उपस्थित थे. जबकि घटना की अध्यक्षता विजय नारायण सिंह ने किया.

पांच स्वास्थ्य कर्मियों का वेतन पर रोक :बिहारशरीफ. जिले के पांच स्वास्थ्य कर्मियों के वेतन निकासी पर रोक लगा दी गयी है. साथ ही संबंधित स्वास्थ्य कर्मियों से जवाब तलब किया गया है. जिला लेप्रोसी निवारण पदाधिकारी डाॅ रविन्द्र कुमार ने बताया कि मंगलवार को जिला लेप्रोसी कार्यालय में जिले के पीएचसी में कार्यरत पारा मेडिकल वर्करों एवं अचिकित्सक सहायकों की समीक्षा बैठक की गयी थी.
इस बैठक में गिरियक,
हरनौत समेत पांच अस्पतालों के उक्त कर्मी बैठक में विलंब से पहुंचे थे. इस आरोप में उक्त पारा मेडिकल वर्करों व अचिकित्सक सहायकों के एक दिन का वेतन भुगतान पर रोक लगा दी गयी. साथ ही स्पष्टीकरण पूछा गया है. स्पष्टीकरण का जवाब संतोषप्रद नहीं पाये जाने पर आगे की ठोस कार्रवाई की जायेगी. साथ ही कर्मियों को निर्देश दिया गया है कि भविष्य में आयोजित होने वाली बैठक में ससमय पर उपस्थित हो.

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