भोजपुर के बड़हरा में 20 सूत्री समिति की बैठक : राजस्व विभाग पर सबसे ज्यादा नाराजगी, राशन और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी उठे सवाल

भोजपुर के बड़हरा प्रखंड में बीस सूत्री कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक हुई. बैठक में राजस्व, आपूर्ति, स्वास्थ्य, बाढ़ और कृषि से जुड़े जनहित के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई. सदस्यों ने विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली पर चिंता जताते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग की.

Bhojpur News : भोजपुर के बड़हरा प्रखंड सह अंचल कार्यालय सभागार में गुरुवार को बीस सूत्री कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष शुभम् कुमार पाण्डेय ने की, जबकि संचालन उपाध्यक्ष दुर्गा पटेल ने किया. बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े जनहित के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई.

समिति के सदस्यों ने आम लोगों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. बैठक में सबसे अधिक नाराजगी राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर देखने को मिली.

सदस्यों ने दाखिल-खारिज, परिमार्जन एवं अतिक्रमण से जुड़े मामलों के लंबे समय तक लंबित रहने पर चिंता जताई और शीघ्र निष्पादन की मांग की. वहीं आपूर्ति विभाग द्वारा बिना पूर्व सूचना के राशन कार्ड बंद किए जाने के मामले को भी गंभीर बताया गया.

सदस्यों ने एफसीआई गोदाम में एजीएम की अनुपस्थिति के बावजूद गोदाम खुलने पर सवाल उठाते हुए सभी पंचायतों के जनवितरण प्रणाली विक्रेताओं को एक साथ राशन उपलब्ध कराने की मांग की. आपूर्ति कार्यालय में बाहरी व्यक्तियों के बैठने पर भी आपत्ति दर्ज कराई गई.

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स्वास्थ्य, बाढ़ सुरक्षा और कृषि से जुड़े गंभीर मुद्दे

बैठक में आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 113 एवं 114 पर टीएचआर (टेक होम राशन) का वितरण नहीं होने का मामला भी उठा. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़हरा में निर्माणाधीन भवन में पुराने ईटों के उपयोग पर सदस्यों ने नाराजगी जताई.

इसके अलावा महिला मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सप्ताह में छह दिन महिला चिकित्सक की ड्यूटी सुनिश्चित करने, ड्रेसिंग रूम में सिरिंज एवं आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता रखने तथा मरीजों को बाहर की दवाएं नहीं लिखने की मांग भी की गई.

बैठक में बाढ़ प्रमंडल की कार्यशैली पर भी सवाल उठे. सदस्यों ने आरोप लगाया कि सुलिश गेट पर रखे जाने वाले बोरों में बालू की जगह मिट्टी भरी जा रही है, जिससे बाढ़ सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है. कृषि बोरिंग पर पोल एवं बिजली तार नहीं होने के बावजूद किसानों को बिजली बिल भेजे जाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा.

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स्वच्छता अभियान के तहत पंचायतों में नियमित कचरा उठाव नहीं होने, पंचायत सरकार भवन में आरटीपीएस कर्मी, पंचायत सचिव एवं राजस्व कर्मचारी की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा सहयोग शिविर में प्राप्त आवेदनों के लंबित रहने पर भी समिति ने नाराजगी व्यक्त किया.

इसके अतिरिक्त खाद दुकानों पर निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूले जाने, गौड़ जाति के लोगों का जाति प्रमाण पत्र नहीं बनने तथा नल-जल योजना में कनीय अभियंता की कार्यशैली पर भी सदस्यों ने सवाल उठाए और आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की मांग की.

अधिकारियों की उपस्थिति और अनुपस्थित अधिकारियों पर स्पष्टीकरण

बैठक में प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, सीडीपीओ, बीपीआरओ, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, कृषि पदाधिकारी, कल्याण पदाधिकारी, शिक्षा पदाधिकारी, जीविका, स्वच्छता मिशन, मनरेगा एवं थाना पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे. वहीं एलईओ, पीएचईडी के कनीय अभियंता, पशु चिकित्सा पदाधिकारी, उद्योग विभाग, बबुरा, कृष्णागढ़, सिन्हा एवं खवासपुर थाना, मत्स्य विभाग तथा बाढ़ नियंत्रण के सहायक अभियंता के अनुपस्थित रहने पर समिति ने नाराजगी जताते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगने की अनुशंसा की. बैठक में समिति के सभी सदस्य मौजूद रहे.


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लेखक के बारे में

By संतोष कुमार सिंह

संतोष कुमार सिंह 20 वर्षों से पत्रकारिता कर रहे हैं. प्रिंट, डिजिटल और प्रमुख मीडिया ऐप्स (न्यूज प्लेटफॉर्म्स) पर काम का अनुभव रखने वाले संतोष की राजनीति, अपराध और धर्म-संस्कृति की खबरों पर पैनी नजर रहती है.

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