Arrah Auto-Rickshaw Drivers : आरा शहर में ऑटो चालकों की मनमानी को लेकर यात्रियों में परेशानी बढ़ रही है. आरोप है कि कई ऑटो चालक यातायात नियमों की अनदेखी करते हुए निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाकर परिचालन कर रहे हैं. इससे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं.
दो की जगह तीन सवारी बैठाने का आरोप
यात्रियों का कहना है कि ऑटो की पीछे वाली सीट पर निर्धारित क्षमता से अधिक लोगों को बैठाया जा रहा है. कई मामलों में दो की जगह तीन यात्रियों को बैठाकर ऑटो चलाने की शिकायत सामने आती है. अधिक सवारी बैठने से यात्रियों को असुविधा के साथ दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है.
ड्राइवर के बगल में भी बैठ रहे तीन यात्री
स्थिति यह है कि पीछे की सीट के अलावा ड्राइवर के बगल वाली जगह पर भी तीन-तीन यात्रियों को बैठाने की शिकायत है. इतनी भीड़ के बीच ऑटो चलने से ड्राइवर और यात्रियों के बीच कई बार विवाद की स्थिति बनने की बात भी सामने आती है.
चार सीटर ऑटो में बैठा रहे छह लोग
यात्रियों के मुताबिक, चार सीटर ऑटो में छह-छह लोगों को बैठाकर परिचालन किया जा रहा है. क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने के बावजूद यात्रियों से पूरा किराया लिया जाता है. ऐसे में यात्रियों को अतिरिक्त भीड़ और असुविधा के बीच सफर करना पड़ता है.
ओवरलोडिंग से हादसे का खतरा
ऑटो में क्षमता से अधिक सवारी बैठाने से यात्रियों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है. खासकर ड्राइवर के बगल में अतिरिक्त यात्रियों के बैठने से चालक को वाहन नियंत्रित करने में परेशानी होने की आशंका रहती है. अचानक ब्रेक या सड़क पर किसी बाधा की स्थिति में हादसे का खतरा बढ़ सकता है.
हादसे में यात्रियों के गिरने की भी शिकायत
स्थानीय लोगों के अनुसार, अधिक सवारी बैठाने के कारण कई बार यात्री असंतुलित होकर गिर जाते हैं और चोटिल भी होते हैं. इसके बावजूद ऑटो चालकों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से इस तरह की व्यवस्था जारी रहने की शिकायत की जा रही है.
कार्रवाई की जिम्मेदारी वालों पर भी सवाल
यात्रियों के बीच इस बात को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है. लोगों का आरोप है कि ट्रैफिक पुलिस की पर्याप्त निगरानी नहीं होने के कारण ऑटो चालक बेखौफ होकर क्षमता से अधिक सवारी बैठा रहे हैं.
पुलिसकर्मियों के ऑटो में बैठने पर भी सवाल
खबर में यह आरोप भी सामने आया है कि कई बार पुलिसकर्मी खुद ऑटो चालक के बगल में बैठकर यात्रा करते हैं. महिला पुलिसकर्मियों के भी ड्राइवर के बगल में बैठकर सफर करने की बात कही गई है. ऐसे में यात्रियों का सवाल है कि जब नियमों का पालन कराने वाले ही इस तरह सफर करेंगे तो आम यात्रियों को नियमों का पालन कराने का संदेश कैसे दिया जाएगा.
यात्रियों के सामने शिकायत की समस्या
ऑटो में क्षमता से अधिक सवारी बैठाने या नियमों की अनदेखी की स्थिति में यात्रियों के सामने शिकायत को लेकर भी परेशानी रहती है. यात्रियों का कहना है कि उन्हें यह स्पष्ट नहीं होता कि मौके पर नियम तोड़ने वाले ऑटो चालक के खिलाफ तत्काल शिकायत और कार्रवाई कैसे करायी जाए.
किराया पूरा, सुविधा और सुरक्षा पर सवाल
क्षमता से अधिक सवारी बैठाने के बावजूद यात्रियों से निर्धारित किराया लिया जाता है. यात्रियों का कहना है कि उन्हें किराया पूरा देना पड़ता है, लेकिन सफर के दौरान बैठने की पर्याप्त जगह और सुरक्षित यात्रा की सुविधा नहीं मिलती.
ट्रैफिक व्यवस्था में सख्ती की जरूरत
शहर में ऑटो परिचालन को व्यवस्थित करने के लिए क्षमता के अनुसार यात्रियों को बैठाने और यातायात नियमों का पालन कराने की जरूरत है. ओवरलोडिंग करने वाले वाहनों की नियमित जांच और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई से यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है.
Also Read : आरा : गिरिजा मोड़ से मौला बाग तक सड़क बदहाल, गड्ढों में भरा बारिश का पानी
