Arah News:बच्चों के व्यक्तित्व विकास के लिए रंगमंच की शिक्षा महत्वपूर्ण

नाट्य संस्था सूत्रधार द्वारा आयोजित 10 दिवसीय रंगमंच यानी अभिनय कार्यशाला में मध्य विद्यालय यादव विद्यापीठ, मौलाबाग के छात्र और छात्राएं रंगकर्म की बारीकियां सीख रहे हैं.

आरा. नाट्य संस्था सूत्रधार द्वारा आयोजित 10 दिवसीय रंगमंच यानी अभिनय कार्यशाला में मध्य विद्यालय यादव विद्यापीठ, मौलाबाग के छात्र और छात्राएं रंगकर्म की बारीकियां सीख रहे हैं. कार्यशाला में अब तक प्रतिभागियों को योगा, संवाद अदायगी, शारीरिक संचालन, शारीरिक भाषा और मंच पर सही स्थिति बनाये रखने जैसे महत्वपूर्ण तत्वों की जानकारी प्रशिक्षकों द्वारा दी गयी है. संस्था के महासचिव नवाब आलम ने बताया कि सूत्रधार युवा पीढ़ी को बेहतर नाट्य प्रशिक्षण देने के लिए लगातार प्रयासरत है. इसी उद्देश्य से विभिन्न कार्यशालाओं का आयोजन किया जाता है. उन्होंने कहा कि बच्चों में अभिनय सीखने की अद्भुत क्षमता होती है और प्रशिक्षकों के पास उन्हें मार्गदर्शन देने का व्यापक अवसर होता है. कार्यशाला निर्देशक अंबुज कुमार ने कहा कि शिक्षा के साथ नाट्यशास्त्र का समन्वय बच्चों को आत्मविश्वासी और संवेदनशील नागरिक बनाता है. उनके अनुसार रंगमंच बच्चों में अभिव्यक्ति, आत्मानुशासन और टीम वर्क की क्षमता मजबूत करता है. कार्यशाला प्रबंधक बीरेंद्र ओझा ने बताया कि यह वर्कशॉप छात्रों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है, क्योंकि प्रशिक्षक उन्हें पठन-पाठन की तरह ही रंगकर्म की बारीकियां समझा रहे हैं. मुख्य प्रशिक्षक अनिल कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को नाटक की उत्पत्ति, उसके विकास और नाटक में प्रयुक्त सहायक तत्वों की जानकारी दी. उन्होंने अभिनय को वह कला बताया जिसके माध्यम से अभिनेता किसी कथा या भाव को अभिव्यक्त करता है. कार्यशाला में बतौर प्रशिक्षक भरत कुमार आर्या, शोएब कुरैशी, मुकेश कुमार और आसिफ हसन शामिल हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By SHAH ABID HUSSAIN

SHAH ABID HUSSAIN is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >