आत्मा को ईश्वर के स्वरूप देखना ही भक्ति का प्रथम श्रेणी है : शशि भूषण

श्री सीताराम विवाह महोत्सव, महावीर स्थान रमना मैदान में हो रहा कार्यक्रम

आरा.

श्री सीताराम विवाह महोत्सव, महावीर स्थान रमना मैदान में राष्ट्रीय महिला परिषद माचा महिला सेवा समिति द्वारा प्रातः बेला पर गौरी गणेश आदि देवी देवताओं का आवाहन पूजन पंडित श्री ज्योति पाठक ने विधिवत वैदिक मंत्र द्वारा कराया. उसके बाद श्रीरामचरितमानस नवाहरायण पाठकर्ता शशि भूषण जी महाराज ने पाठ के माध्यम में कहा कि ईश्वर दिखावा पर प्रसन्न नहीं होते हैं.

उनको प्रसन्न करने के लिए अंत: कारण आत्मा को संसार के सभी जीवों पर ईश्वर के स्वरूप देखना ही भक्ति का प्रथम श्रेणी है. मानस पाठ के बाद “हल्दी कुटाई ” समिति के सदस्यों ने मांगलिक गीत “आगे माई हल्दी हलदिया दुब पातर ना “जिसमे उषा पांडेय, लीला सिंह, राधा शर्मा, सुनीता देवी, पुष्पा सिन्हा, पूनम गुप्ता, उर्मिला सिंह, सीमा मिश्रा, संतोषी देवी, मिठालेसी देवी, रेखा सिन्हा, माधुरी केशरी, शिला सिंह, उर्मिला सिन्हा, लक्ष्मीना शिक्षिका, कोमल कुमारी, स्नेहा देवी, रंजू देवी, आदि उपस्थित थे. वहीं दोपहर उपरांत 4.00 साम को भागवत कथा मंच कि दीप प्रज्वलित मेयर इंदु देवी ने किया. श्रीधाम वृंदावन से पधारे श्री प्रेममूर्ति प्रदीप जी महाराज ने जीव का कल्याण और जीने कि राह यदि सही नहीं तो संसार कि भव कूप से जीव का उधार नहीं हो सकती, धुंधकारी अपना समय संसार में फंसाकार प्रेत योनि में पड़ा, भागवत कथा से प्रेत कि मुक्ति मिल सकता है तो इस संसार क़े हम सब इंसान को कल्याण क्यों नहीं हो सकती, मानस में श्री तुलसी दास जी ने कहा श्रवण यदि पवित्र हो तो हर जीव शिव सम्मान हो सकता, श्रीमद्भागवत कथा विधिवत श्रावण से इक्षित मनोकामना पूर्ण होती है. भागवत कथा कि पूजन आरती ठाकुर राज किशोर सिंह, रविशंकर तिवारी, शिव नारायण बाबा, इंदु देवी, अखिलेश सिंह, मुन्ना बजरंगी, रजनीश रंजन, आलोक बजरंगी उपस्थित थे.

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By DEVENDRA DUBEY

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