वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा में आज आइसा और आरवाइए की ओर से आयोजित छात्र-युवा संसद में बड़ी संख्या में छात्र, युवा, विद्यार्थी और शोधार्थियों ने हिस्सा लिया.
कार्यक्रम में NTA भंग करो, NEP 2020 वापस लो, FYUP वापस लो, 7.5 CGPA की बाध्यता वापस लो, सबको समान डिग्री दो, सरकारी विद्यालयों को बंद और मर्ज करना नहीं चलेगा.
बिहार के सरकारी विद्यालयों की बदहाली दूर करो, केंद्रीय विद्यालयों की तर्ज पर विकसित करो, विद्यालयों का भगवाकरण नहीं चलेगा, UG महाविद्यालयों की स्वायत्तता खत्म करना नहीं चलेगा, UG, PG, PhD में बेतहाशा फीस वृद्धि नहीं चलेगा, आउटसोर्सिंग पर रोक लगाओ, सबको सम्मानजनक रोजगार दो.
सभी बेरोजगार नौजवानों को 10 हजार प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता दो, सम्राट सरकार वादा निभाओ, 1 करोड़ रोजगार कहां है यह बताओ, ठेका पट्टा पर बहाली बंद करो, पी.एच.डी का नया नियमावली वापस लो, TRE4 का नोटिफिकेशन अविलंब जारी करो और सरकारी शिक्षण संस्थानों की बदहाली और शिक्षा के निजीकरण के खिलाफ आंदोलन को तेज करने का आह्वान किया गया.
वक्ता के रूप में शामिल प्रमुख नेता
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता आरवाईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत कुशवाहा, आइसा के पूर्व महासचिव संदीप सौरभ, आरवाईए के राज्य सचिव शिवप्रकाश रंजन, आइसा के राज्य सचिव कॉमरेड दीपांकर मिश्रा, आमीन तथा आइसा के राज्य अध्यक्ष धनंजय कुमार ने छात्र-युवाओं को संबोधित किया.
शिक्षा और रोजगार के संकट पर राष्ट्रीय अध्यक्ष और विधायक के विचार
आरवाईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत कुशवाहा ने कहा कि बिहार में शिक्षा और रोजगार का संकट लगातार गहराता जा रहा है. पेपर लीक, परीक्षा में धांधली और सरकारी संस्थानों की बदहाली ने छात्र-युवाओं के भविष्य को अंधकारमय बना दिया है.
उन्होंने कहा कि शिक्षा और रोजगार के सवाल पर छात्र-युवा संसद के माध्यम से पूरे बिहार में आंदोलन को मजबूत किया जाएगा. आइसा के पूर्व महासचिव एवं युवा विधायक कॉमरेड संदीप सौरभ ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में लगातार हो रही गड़बड़ी और पेपर लीक से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है.
बुनियादी सुविधाओं की कमी और शिक्षा की बदहाली पर चर्चा
आरवाईए के राज्य सचिव कॉमरेड शिवप्रकाश रंजन ने कहा कि बिहार के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में फीस वृद्धि, छात्रावास, लैब, पुस्तकालय और अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी गंभीर चिंता का विषय है.
उन्होंने कहा कि सम्मानजनक रोजगार और बेहतर शिक्षा के लिए छात्र-युवा आंदोलन को बिहार के हर विश्वविद्यालय और शिक्षण संस्थान तक पहुंचाया जाएगा.
गरीब, दलित, पिछड़े और वंचित तबकों के बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण और सस्ती शिक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि “शिक्षा बचाओ, भविष्य बचाओ” के नारे के साथ छात्र-युवा आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा.
कॉमरेड आमीन ने कहा कहा कि परीक्षा में पारदर्शिता, रोजगार और शिक्षा के अधिकार के लिए संघर्ष जारी रहेगा.
छात्र-युवा संसद में नेताओं और छात्रों की उपस्थिति
आइसा के राज्य अध्यक्ष धनंजय कुमार ने कहा कि बिहार के छात्र-युवाओं के सामने शिक्षा और रोजगार सबसे बड़ा सवाल है. उन्होंने कहा कि पेपर लीक, परीक्षा की धांधली, फीस वृद्धि, 7.5 सीजीपीए बैरियर और शिक्षण संस्थानों की बदहाली के खिलाफ छात्र-युवा संसद अभियान को पूरे बिहार में चलाया जाएगा.
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उन्होंने बिहार के छात्र-युवाओं से इस अभियान में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की. कार्यक्रम की अध्यक्षता मंडल में आइसा के जिला सचिव जयशंकर, आइसा जिला अध्यक्ष विकास, आरवाईए जिला सचिव निरंजन, आरवाईए जिला अध्यक्ष विशाल, अनूप (आइसा जिला अध्यक्ष, बक्सर), अखिलेश (आइसा जिला सचिव, बक्सर), राजदेव (आरवाईए जिला संयोजक, बक्सर), वीरन (आरवाईए जिला सह-संयोजक, बक्सर)
राजेश (आइसा जिला संयोजक, रोहतास), मनीष (आरवाईए नेता, कैमूर), मुस्कान (आइसा जिला उपाध्यक्ष), नीतू (आइसा राज्य उपाध्यक्ष) और वर्षा (आइसा नेत्री) शामिल रहीं. कार्यक्रम में रौशन कुशवाहा, शिवाकांत बैठा, साहिल अरोड़ा, चंदन दास, सुमित कुमार, राजेश कुमार, अनूप कुमार, विवेक यादव, सागर पासवान, दीपांकर कुमार, आनंद कुमार, अप्पू यादव, अखिलेश गुप्ता, नगेंद्र पासवान, रंजीत यादव, कन्हैया कुमार, धनोज कुमार, हंसिका, संस्कृतमा, छोटी और विद्या सहित बड़ी संख्या में छात्र-युवा उपस्थित रहे.
