Bhojpur News : भोजपुर के बिहिया में कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत रामको इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने शिक्षा के क्षेत्र में सराहनीय पहल करते हुए बुधवार को प्रखंड के 11 सरकारी विद्यालयों को दो-दो कंप्यूटर उपलब्ध कराए. इस पहल का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को डिजिटल शिक्षा से जोड़कर उन्हें भविष्य की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है.
11 सरकारी विद्यालयों को मिले दो-दो कंप्यूटर
प्रखंड के कटेया स्थित प्लस टू हाई स्कूल परिसर में आयोजित समारोह में विद्यालयवार दो-दो कंप्यूटर वितरित किए गए. कंप्यूटर मिलने के बाद बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी. कार्यक्रम का उद्देश्य गरीब एवं वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा से जोड़ना और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाना है.
डिजिटल शिक्षा समय की सबसे बड़ी जरूरत : बीडीओ
समारोह की मुख्य अतिथि बिहिया बीडीओ अर्चना वर्मा ने कहा कि वर्तमान दौर में कंप्यूटर शिक्षा अनिवार्य हो चुकी है. उन्होंने कहा कि रामको इंडस्ट्रीज की यह पहल ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के भविष्य को नई दिशा देने वाली साबित होगी और उन्हें डिजिटल दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने का अवसर मिलेगा.
शिक्षा, स्वास्थ्य और समाजसेवा के लिए प्रतिबद्ध है कंपनी
रामको इंडस्ट्रीज के फैक्ट्री प्रबंधक विदित सिंह ने कहा कि कंपनी सिर्फ औद्योगिक उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक दायित्वों का भी पूरी जिम्मेदारी के साथ निर्वहन कर रही है. उन्होंने बताया कि भविष्य में भी शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े जनहित के कार्यक्रम लगातार चलाए जाएंगे. उन्होंने विद्यार्थियों को कंप्यूटर शिक्षा के महत्व से भी अवगत कराया.
टीबी मरीजों की मदद के बाद शिक्षा में नई पहल
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि एक सप्ताह पूर्व ही रामको इंडस्ट्रीज ने आरा जिला समाहरणालय में आयोजित कार्यक्रम में 100 टीबी मरीजों को गोद लेकर उन्हें आवश्यक पोषण सामग्री उपलब्ध कराई थी. अब शिक्षा के क्षेत्र में यह नई पहल कंपनी की सामाजिक प्रतिबद्धता को दर्शाती है.
विद्यालय परिवार ने जताया आभार
कार्यक्रम में कंपनी के एचआर मैनेजर रामविलास पांडेय, प्रशांत सिंह, बिहिया प्रखंड के 11 विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे. विद्यालय परिवार ने इस पहल के लिए रामको इंडस्ट्रीज का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे ग्रामीण विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा से जुड़ने का बेहतर अवसर मिलेगा.
