प्राथमिक स्वास्थ्य उप केंद्र हसनबाजार में दोपहर में ही लटक जाता है ताला

इलाज कराने आये मरीजों को लौटना पड़ता है घर

पीरो.

ग्रामीण क्षेत्रों में आमजन को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए स्थापित प्राथमिक स्वास्थ्य उप केंद्र स्वास्थ्य कर्मियों की मनमानी व कर्तव्यहीनता के कारण लोगों को समुचित सेवा प्रदान करने में विफल साबित हो रहे हैं. ज्यादातर प्राथमिक स्वास्थ्य उप केंद्रों का तो कभी ताला ही नहीं खुलता है.

जबकि कुछ केंद्रों में स्वास्थ्य कर्मी केवल खानापूर्ति के लिए पहुंचते हैं. हसनबाजार स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य उप केंद्र स्वास्थ्य को लेकर भी ऐसे ही आरोप स्थानीय लोगों द्वारा लगाये जा रहे हैं. स्थानीय लोगों की मानें तो यहां पदस्थापित स्वास्थ्य कर्मी अपनी मनमर्जी चलाते हैं और केवल हाजिरी दर्ज करने के लिए पहुंचते हैं. घंटे दो घंटे बैठ कर गप्पबाजी करने के बाद अपनी मर्जी से कभी भी चले जाते हैं. दोपहर के बाद शायद ही यहां वे कभी नजर आते हैं. स्वास्थ्य कर्मियों की इस मनमर्जी के कारण यहां दोपहर के बाद आने वाले मरीजों को खाली हाथ वापस लौटना पड़ता है. सहेजनी निवासी अनिल कुमार शनिवार को दोपहर में इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य उप केंद्र हसनबाजार पहुंचे तो वहां ताला लटका हुआ मिला. ऐसे में उन्हें बैरंग लौटना पड़ा. स्थानीय निवासी डब्ल्यू कुमार ने बताया कि दोपहर बाद यहां कोई स्वास्थ्य कर्मी नहीं टिकता है. यह प्रतिदिन की दिनचर्या है. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी बोले, जांच कर होगी कार्रवाईमेरी जानकारी में स्वास्थ्य उपकेंद्र हसनबाजार में तैनात स्वास्थ्य कर्मी नियमानुसार केंद्र का संचालन करते हैं, लेकिन अगर लोगों की शिकायत है, तो इसकी जांच की जायेगी और सही पाये जाने पर आवश्यक कार्रवाई भी की जायेगी.

डाॅ रवि कुमार, पीरो के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By DEVENDRA DUBEY

DEVENDRA DUBEY is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >