भोजपुर के कोईलवर प्रखंड की पंचायतों में रविवार को "सुशासन के साथ पंचायत" थीम पर 'पंचायत विकास दिवस' का आयोजन किया गया. इस दौरान ग्रामीणों को सुशासन, पंचायत की कार्यप्रणाली और विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई.
हालांकि, कुछ पंचायतों में कार्यक्रम के आयोजन और उसकी पारदर्शिता को लेकर ग्रामीणों ने सवाल भी उठाए.
अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना मुख्य उद्देश्य: बीपीआरओ
इस सम्बंध में प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी (बीपीआरओ) कुणाल राज ने बताया कि प्रखंड की सभी पंचायतों में पंचायत विकास दिवस आयोजित किया गया.
उन्होंने स्वयं नरबीरपुर पंचायत में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेकर ग्रामीणों को पंचायतों की जवाबदेही, पारदर्शी प्रशासन और जनभागीदारी के महत्व की जानकारी दी.
उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर लोगों की सहभागिता बढ़ाने तथा सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को यह कार्यक्रम आयोजित किया जाता है.
धनडीहा पंचायत में ग्रामीणों की सुनी गईं समस्याएं
दूसरी ओर, धनडीहा पंचायत में पंचायत सचिव चंदन कुमार ने पंचायत विकास दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए "सुशासन के साथ पंचायत" विषय पर विस्तार से चर्चा की.
कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं, युवा एवं ग्रामीण शामिल हुए. इस दौरान विभिन्न विभागों की योजनाओं, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और लाभ प्राप्त करने के तरीकों की जानकारी दी गई.
अंत में ग्रामीणों की समस्याएं सुनकर अधिकारियों द्वारा उनके शीघ्र समाधान का आश्वासन भी दिया गया.
प्रचार-प्रसार न होने और टालमटोल पर ग्रामीणों में नाराजगी
इधर, प्रखंड की कुछ पंचायतों के ग्रामीणों का आरोप था कि उनके यहाँ पंचायत विकास दिवस का आयोजन नहीं हुआ, अथवा यदि हुआ भी तो उसका पूर्व प्रचार-प्रसार नहीं किया गया. इससे अधिकांश लोगों को कार्यक्रम की जानकारी नहीं मिल सकी और जनभागीदारी बेहद सीमित रही.
इसी क्रम में जब गोपालपुर पंचायत में पंचायत विकास दिवस के लिए प्रतिनियुक्त नोडल कर्मी अमित प्रकाश से कार्यक्रम की फोटो और वीडियो उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया, तो वे टालमटोल करने लगे.
उन्होंने पहले तो इस संबंध में स्पष्ट जवाब नहीं दिया, बाद में कहा कि उनके पास कार्यक्रम की कोई फोटो या वीडियो उपलब्ध नहीं है और तस्वीर के लिए संबंधित पंचायत के मुखिया से संपर्क करने की बात कहकर फोन काट दिया.
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत विकास दिवस जैसे जनभागीदारी आधारित कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार और पारदर्शी आयोजन सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोग सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकें. पंचायतों में कार्यक्रम के आयोजन को लेकर उठे सवाल स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बने हुए हैं.
