वीर कुंवर सिंह की प्रतिमा पर अधिवक्ताओं ने माल्यार्पण कर किया नमन
जगदीशपुर. जगदीशपुर जन विकास परिषद और आरा मुंडेश्वरी धाम रेल लाइन निर्माण संघर्ष समिति शाहाबाद के संयुक्त तत्वधान में 1857 के महानायक वीर कुवर सिंह के शहादत दिवस के अवसर पर किला परिसर में उन्हें श्रद्धा पूर्वक याद करते हुए उनकी प्रतिमा पर माल्यापर्ण किया गया. शहादत दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अधिवक्ता विनोद वर्मा ने कहा कि देश के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक वीर कुंवर सिंह थे. वे 80 वर्ष की उम्र में जगदीशपुर से निकल कर कानपुर, लखनऊ, आजमगढ़, बलिया तक अंग्रेजी सेना को पराजित किया और देश वासियों में राष्ट्रीय भावना को जागृत किया. शिवपुर घाट पर नाव से गंगा पार करते समय अंग्रेजी सैनिकों ने जब फायरिंग किया तो गोली उनके दाहिने हाथ में लगी तो वो खून से लथपथ वाह को काट कर गंगा मां को समर्पित कर दिया. घायल अवस्था में जगदीशपुर किला आये और 23 अप्रैल को अपने रियासत के ध्वज को फहराया लेकिन बाह कटने से उनके शरीर में जहर फैल गया और 26 अप्रैल को अंतिम सांस लेने के साथ मातृभूमि के लिए शहीद हो गये. श्री वर्मा ने केंद्र व राज्य सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसे अमर योद्धा को उनके शहादत दिवस के अवसर पर श्रद्धांजलि अर्पित नहीं करना बेहद पीड़ादायक है. यही नहीं वीर कुंवर सिंह के जन्म स्थली जगदीशपुर को रेल लाइन से जोड़ने वाली आरा मुंडेशवरी धाम रेल लाइन परियोजना केंद्र की मोदी सरकार के अनदेखी के कारण अधर में लटका हुआ है. शहादत दिवस के अवसर पर श्रद्धा सुमन अर्पित करने वालों में अनिल कुमार चौबे अध्यक्ष अधिवक्ता संघ जगदीशपुर, धरमेश सिंह, चंद्रभूषण सहाय, राजू चौधरी, भोपेद्र कुमार सिंह, गिरीश तिवारी, हर्ष वर्धन कुमार सिंह, अभिषेक सिंह, योगेंद्र प्रसाद सिंह, विकास चंद्र, बिरबल शर्मा सहित अन्य थे.
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