Arrah News: 20 मई को देशव्यापी हड़ताल पर रहेंगे दवा दुकानदार,आरा में भी असर रहेगी

आरा: 20 मई को देशव्यापी हड़ताल पर रहेंगे दवा दुकानदार, ई-फार्मेसी और प्रीडेटरी प्राइसिंग का विरोध, जानिए पूरी खबर

Arrah News: (नरेंद्र प्रसाद सिंह) ऑनलाइन दवा बिक्री (ई-फार्मेसी) और बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों की प्रीडेटरी प्राइसिंग बाजार बिगाड़ने वाली मूल्य नीति के विरोध में आगामी 20 मई को देशभर की दवा दुकानें बंद रहेंगी. ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स, मुंबई’ द्वारा घोषित इस राष्ट्रव्यापी बंद को ‘भोजपुर केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन’ ने भी अपना पूर्ण समर्थन दिया है.

20 मई को दुकानों पर नहीं मिलेंगी दवाएं

ई-फार्मेसी और प्रीडेटरी प्राइसिंग के विरोध में 20 मई को देशभर की दवा दुकानें रहेंगी बंद,
आरा.भोजपुर केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स,मुंबई द्वारा घोषित 20 मई के राष्ट्रव्यापी बंद के समर्थन में 19 मई की मध्य रात्रि 12 बजे से 20 मई की मध्य रात्रि 12 बजे तक होगा.इसे लेकर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सतेंद्र सिंह ने बताया कि संगठन हमेशा से उचित मूल्य पर सही दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के पक्ष में रहा है. लेकिन वर्तमान समय में ऑनलाइन दवा बिक्री, अवैध ई-फार्मेसी और बड़ी कंपनियों द्वारा की जा रही प्रीडेटरी प्राइसिंग के कारण छोटे दवा व्यवसायियों के सामने गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है.इसे लेकर भोजपुर केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने जिले के सभी थोक एवं खुदरा दवा दुकानदारों से 20 मई को होने वाले बंद को सफल बनाने की अपील की है.

इन कारणों से होगा ई फार्मेसी का विरोध

संगठन का कहना है कि ऑनलाइन दवा बिक्री के कारण कई प्रकार की समस्याएं सामने आ रही हैं। इनमें बिना उचित नियंत्रण के दवाओं की बिक्री, एक ही प्रिस्क्रिप्शन का बार-बार उपयोग, फर्जी या अप्रमाणित पर्चियों के आधार पर दवाओं की आपूर्ति, एंटीबायोटिक एवं नारकोटिक दवाओं की आसान उपलब्धता तथा फार्मासिस्ट और मरीज के बीच प्रत्यक्ष संवाद का अभाव प्रमुख हो रहा है.संगठन का मानना है कि इससे नकली या गलत तरीके से संग्रहित दवाओं का खतरा बढ़ रहा है.एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस जैसी गंभीर समस्या को बढ़ावा मिल सकती है.साथ ही शिड्यल एच एवं एच 1 श्रेणी की दवाओं की अनियंत्रित बिक्री की समस्या होगी.

प्रीडेटरी प्राइसिंग से छोटे दुकानदार प्रभावित

जिलाध्यक्ष ने कहा कि बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियां निर्धारित मार्जिन से अधिक भारी छूट देकर बाजार में असंतुलन पैदा कर रही हैं.इससे ग्रामीण और छोटे शहरों के केमिस्टों की आजीविका प्रभावित हो रही है.संगठन का आरोप है कि इस प्रकार की प्रतिस्पर्धा से छोटे दवा दुकानदारों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है और बाजार में एकाधिकार की स्थिति बन रही है.

सरकार से संगठन की मांंगे

ई-फार्मेसी संचालन से संबंधित GSR 817(E) अधिसूचना को वापस लिया जाए.
कोविड-19 काल में जारी GSR 220(E) अधिसूचना को तत्काल निरस्त किया जाए=
प्रीडेटरी प्राइसिंग की जांच कर स्पष्ट नीति बनाई जाए.
अवैध ई-फार्मेसी संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए.
राज्य के सभी केमिस्टों एवं उनकी सप्लाई चेन की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए.

Also Read: नया मॉडल ब्लॉक भवन बनाने से पहले ध्वस्त कर दिया पुराना कार्यालय, दफ्तर ढूंढने में छूट रहा लोगों का पसीना

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Vivek Ranjan

विवेक रंजन पाण्डेय पिछले 8 वर्षों से मुख्यधारा की पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें बिहार की राजनीति, प्रशासन, अपराध, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सरोकार और स्थानीय-क्षेत्रीय मुद्दों की गहरी समझ है. खबरों की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए वे तथ्यों की पुष्टि और विभिन्न स्रोतों से जानकारी का सत्यापन करने को प्राथमिकता देते हैं.

विशेषज्ञता

विवेक रंजन पाण्डेय की विशेष रुचि बिहार की राजनीति, ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम अपडेट, प्रशासनिक गतिविधियों, चुनाव, अपराध, मौसम, शिक्षा तथा रिसर्च आधारित खबरों में है. वे लाइव कवरेज, एक्सक्लूसिव स्टोरी, SEO फ्रेंडली डिजिटल कंटेंट और डेटा आधारित रिपोर्टिंग में भी दक्ष हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, विशेषकर एक्स पर सक्रिय रहकर ट्रेंडिंग और महत्वपूर्ण घटनाक्रमों पर लगातार नजर बनाए रखते हैं.

पत्रकारिता अनुभव

पत्रकारिता के क्षेत्र में विवेक रंजन पाण्डेय का आठ वर्षों का अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत टीवी और डिजिटल मीडिया से की तथा विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मीडिया संस्थानों में कार्य करते हुए रिपोर्टिंग, डिजिटल कंटेंट लेखन, लाइव कवरेज, हेडलाइन लेखन, ब्रेकिंग न्यूज, फैक्ट चेकिंग में विशेषज्ञता हासिल की. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल के लिए बिहार से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों का लेखन और विश्लेषण कर रहे हैं.

शिक्षा

विवेक रंजन पाण्डेय ने आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी, पटना से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री प्राप्त की है. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, मीडिया एथिक्स, डिजिटल जर्नलिज्म और जनसंचार के विभिन्न आयामों का अध्ययन किया.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >