Galib seminar: राष्ट्रीय उर्दू भाषा संवर्धन परिषद (एनसीपीयूएल) और गालिब इंस्टीट्यूट, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय रिसर्च स्कॉलर गालिब सेमिनार में वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा के उर्दू विभाग के शोधार्थी नूर आलम ने अपना शोध-पत्र प्रस्तुत किया. उनके शोध-पत्र की उपस्थित विद्वानों और शोधार्थियों ने सराहना की.
चार से छह सितंबर तक आयोजित हुआ अंतरराष्ट्रीय सेमिनार
चार से छह सितंबर तक एवान-ए-गालिब में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में देश के करीब 40 विश्वविद्यालयों के शोधार्थियों ने भाग लिया. सेमिनार का आयोजन गालिब इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. इदरीस अहमद की निगरानी में किया गया. उद्घाटन डॉ. रशीद जमील ने किया, जबकि अध्यक्षता मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी, हैदराबाद के कुलपति प्रो. सैयद ऐनुल हसन ने की. अतिथियों का स्वागत डॉ. शम्स इकबाल ने किया.
पीएचडी शोध विषय के संदर्भ में प्रस्तुत किया शोध-पत्र
सेमिनार के दौरान वीकेएसयू के उर्दू विभाग के शोधार्थी नूर आलम ने अपने पीएचडी शोध विषय “शफी जावेद की अफसाना निगारी : एक मुताला” के संदर्भ में शोध-पत्र प्रस्तुत किया. शोध-पत्र के माध्यम से उन्होंने अपने शोध विषय से जुड़े विभिन्न पहलुओं को विद्वानों और शोधार्थियों के समक्ष रखा. उनके शोध-पत्र की उपस्थित विद्वानों एवं शोधार्थियों ने सराहना की.
विश्वविद्यालय के शिक्षकों और शोधार्थियों ने दी बधाई
नूर आलम की इस उपलब्धि पर वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के उर्दू विभाग के शिक्षकों, शोधार्थियों, मित्रों एवं परिजनों ने उन्हें बधाई दी. सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की.
