Arrah News : भोजपुर जिले के मसाढ़ स्थित बाणासुर इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क को बिहार के प्रमुख इको-टूरिज्म स्थलों में विकसित करने की दिशा में प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी है. सोमवार को जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया की अध्यक्षता में प्रस्तावित इको-टूरिज्म परियोजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें परियोजना के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से मंथन किया गया.
पर्यटकों के लिए विकसित होंगी आधुनिक सुविधाएं
बैठक में डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग, बिहार की राज्य स्तरीय टीम ने प्रस्तावित इको-टूरिज्म परियोजना की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की. टीम ने पर्यटकों के लिए विकसित की जाने वाली सुविधाओं, नए आकर्षणों, पर्यावरण संरक्षण के उपायों तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन की संभावनाओं की जानकारी दी.
डीएम ने दिए कई महत्वपूर्ण सुझाव
जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया ने परियोजना की सराहना करते हुए इसे और अधिक आकर्षक, नवाचारी एवं पर्यटक-अनुकूल बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए. उन्होंने निर्देश दिया कि स्थानीय आवश्यकताओं और प्राकृतिक परिवेश को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त पर्यटन आकर्षण विकसित किए जाएं. साथ ही पर्यटकों के लिए आधुनिक, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया.
राज्य के प्रमुख इको-टूरिज्म स्थलों में होगी पहचान
डीएम ने कहा कि परियोजना में ऐसे नवाचार शामिल किए जाएं, जिनसे मसाढ़ स्थित इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क राज्य के प्रमुख इको-टूरिज्म स्थलों में अपनी अलग पहचान बना सके. उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
पर्यटन के साथ बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
जिलाधिकारी ने कहा कि इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क केवल पर्यटन का केंद्र नहीं होगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का भी महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा. इस परियोजना से पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे.
उल्लेखनीय है कि बाणासुर इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क का उद्घाटन 15 जून 2026 को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया था. समीक्षा बैठक में जिला मत्स्य पदाधिकारी, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग की राज्य स्तरीय टीम तथा संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे.
