Koilwar Buxar Embankment : बक्सर-पटना फोरलेन पर कुल्हड़िया टोल प्लाजा का शुल्क बचाने के चक्कर में भारी वाहनों के कोईलवर-बक्सर तटबंध के रास्ते से गुजरने का सिलसिला लगातार जारी है.
जर्जर हालत में पड़े तटबंध पर भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ने से सड़क की स्थिति और खराब होने के साथ ही आए दिन वाहनों के फंसने की समस्या सामने आ रही है.
शुक्रवार की रात पडरिया बांध पर एक भारी वाहन टेलर फंस जाने से करीब 12 घंटे तक आवागमन पूरी तरह बाधित रहा.
पडरियां बांध पर टेलर फंसने से 12 घंटे तक लगा जाम
बताया जाता है, कि शुक्रवार की रात करीब 11 बजे पडरिया बांध पर एक भारी वाहन सड़क की जर्जर स्थिति के कारण फंस गया. इसके बाद तटबंध पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई.
शनिवार की सुबह करीब 10 बजे तक वाहन के फंसे रहने के कारण पडरिया से बबुरा के बीच तटबंध पर आवागमन बाधित रहा. इस दौरान छोटे वाहन भी जाम में फंस गए, और राहगीरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा.
गूगल लोकेशन और टोल शुल्क से बचने की वजह
ग्रामीणों के अनुसार, गूगल लोकेशन में कोईलवर-बक्सर तटबंध का रास्ता वैकल्पिक मार्ग के रूप में दिखाई देने के कारण बाहर से आने वाले कई चालक इस रास्ते का इस्तेमाल कर रहे हैं. वहीं, टोल शुल्क से बचने के लिए भी कुछ भारी वाहन फोरलेन के बजाय तटबंध होकर गुजर रहे हैं. इससे बड़हरा से बबुरा के बीच तटबंध पर भारी वाहनों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है.
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ग्रामीण अनिल कुमार, विजय सिंह और वीरेंद्र कुमार ने बताया कि तटबंध पर लगातार भारी वाहन फंस रहे हैं. भारी वाहन के फंसने के बाद छोटे वाहनों के निकलने के लिए भी पर्याप्त जगह नहीं बचती है. इससे राहगीरों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ता है. ग्रामीणों ने कहा कि जर्जर सड़क पर भारी वाहनों के परिचालन से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.
प्रतिदिन भारी वाहनों का परिचालन और ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों का दावा है, कि इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों भारी वाहन गुजर रहे हैं. फोरलेन पर स्थित टोल प्लाजा से होकर गुजरने के बजाय तटबंध के रास्ते वाहनों के निकलने से टोल राजस्व को भी नुकसान हो रहा है. ग्रामीणों ने प्रशासन से तटबंध पर भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाने और सड़क की स्थिति में सुधार कराने की मांग की है.
ग्रामीणों का कहना है, कि यदि भारी वाहनों का परिचालन इसी तरह जारी रहा तो पहले से जर्जर कोईलवर-बक्सर तटबंध की स्थिति और खराब हो सकती है. साथ ही लगातार जाम लगने से स्थानीय लोगों, स्कूली बच्चों, मरीजों और अन्य राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.
