Arrah News : भाकपा (माले) भोजपुर जिला कमिटी की दो दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक जगदीशपुर नगर में आयोजित की गई. इस बैठक में देश और बिहार के मौजूदा राजनीतिक हालात, बढ़ते जनविरोधी फैसलों तथा लोकतांत्रिक अधिकारों पर हो रहे हमलों पर विस्तार से चर्चा की गई.
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार जनता के बुनियादी सवालों रोज़गार, शिक्षा, स्वास्थ्य, महंगाई और किसानों-मज़दूरों की समस्याओं का स्थायी समाधान करने में पूरी तरह विफल रही है. इन मुख्य मुद्दों से आम जनता का ध्यान भटकाने के लिए दमन, बुलडोज़र कार्रवाई, नफ़रत की राजनीति और लोकतांत्रिक आवाज़ों को दबाने की कोशिशें तेज़ की जा रही हैं.
आंदोलन के प्रति एकजुटता
बैठक में दिल्ली के जंतर-मंतर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे आंदोलनकारी साथियों के संघर्ष के प्रति गहरी एकजुटता व्यक्त की गई. नेताओं ने कहा कि सरकार इस आंदोलन की लोकतांत्रिक आवाज़ को लगातार अनसुना कर रही है.
इसे देखते हुए जिला कमिटी ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि फासीवादी और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ एक व्यापक जनप्रतिरोध खड़ा किया जाएगा. बेरोज़गारी, महंगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, भूमि, राशन, पेंशन, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक अधिकारों के सुलगते सवालों पर गांव-गांव और शहर-शहर विशेष अभियान चलाकर आम जनता को संगठित किया जाएगा तथा आगामी संघर्षों को और तेज़ किया जाएगा.
सदस्यता अभियान का निर्णय
इसके साथ ही बैठक में अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मज़दूर सभा (खेग्रामस) के सदस्यता अभियान को पूरे जिले में युद्धस्तर पर चलाने का बड़ा निर्णय लिया गया. इसके तहत प्रत्येक पंचायत और गांव में खेत मज़दूरों, गरीब किसानों एवं ग्रामीण मेहनतकशों को लामबंद कर सदस्यता अभियान तेज़ किया जाएगा, ताकि उनके अधिकारों और आजीविका के सवालों पर संघर्ष को और व्यापक बनाया जा सके.
इस दो दिवसीय समीक्षा बैठक में मुख्य रूप से भाकपा माले जिला सचिव अभयउदय पांडे, पूर्व विधायक राजू यादव, चंद्रदीप सिंह, संगीता सिंह, विधायक शिवप्रकाश रंजन, रमेश जी सहित अन्य कई नेता व कार्यकर्ता उपस्थित थे.
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